राघव चड्ढा दबाव में काम कर रहे थे : भगवंत मान
नरेश
- 03 Apr 2026, 04:30 PM
- Updated: 04:30 PM
चंडीगढ़, तीन अप्रैल (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को पार्टी सहयोगी एवं राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा की आलोचना करते हुए कहा कि वह दबाव में काम कर रहे थे और उन्होंने आप आदमी पार्टी (आप) के रुख के विपरीत काम किया है।
मान ने कहा कि अगर चड्ढा पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम हटाने जैसे मुद्दों पर बोलने को तैयार नहीं हैं, महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद से बहिर्गमन नहीं करते हैं या गुजरात में कई 'आप' कार्यकर्ताओं और नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज नहीं उठाते हैं, तो यह पार्टी के रुख से अलग होना है।
मुख्यमंत्री यहां एक संवाददाता सम्मेलन में राघव चड्ढा के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे। राज्यसभा सदस्य चड्ढा ने सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के एक दिन बाद कहा कि '' मेरी खामोशी को मेरी हार नहीं समझ लेना।''
आप ने चड्ढा पर पलटवार करते हुए शुक्रवार को उन पर संसद में केंद्र के खिलाफ मुद्दे उठाने से कतराने और इसके बजाय ''अपने प्रचार-प्रसार के लिए काम करने'' का आरोप लगाया।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने चड्ढा की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि क्या ऐसा कोई व्यक्ति जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ''डरता'' है, देश के लिए लड़ सकता है?
मान से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि चड्ढा ''दबाव में काम कर रहे थे,'' तो जवाब में उन्होंने कहा,'' हां''। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में दलों द्वारा अपने नेताओं को बदलना कोई असामान्य बात नहीं है।
राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से चड्ढा को हटाए जाने के सवाल पर मान ने कहा,''जब मैंने पहली बार चुनाव जीता (2014 में संगरूर लोकसभा से), तो डॉ (धर्मवीर) गांधी (तत्कालीन आप सांसद, जो अब कांग्रेस में हैं) को पार्टी के संसदीय बोर्ड का नेता बनाया गया था। बाद में, मैंने भी इस पद पर कार्य किया। इसलिए, पार्टी इस तरह के फैसले लेती रहती है।''
मान ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, ''जब हम लोकसभा या राज्यसभा में विपक्ष के सदस्य के रूप में बैठते हैं, तो कई निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते हैं, जैसे कि सदन से बहिर्गमन का फैसला। लेकिन अगर कोई पार्टी की नीति से परे जाता है या निर्देश का पालन नहीं करता है, तो यह पार्टी व्हिप का उल्लंघन है। यदि आप पार्टी व्हिप के विरुद्ध जाते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी।''
चड्ढा की ''चुप कराए जाने'' वाली टिप्पणी पर, मान ने कहा कि अगर किसी मुद्दे पर पार्टी कोई रुख अपनाती है और कोई बोलना चाहता है तो उसके पास गुजरात में आप के 160 कार्यकर्ताओं और नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किये जाने, एमएसपी (फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य), माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और अन्य मुद्दे हैं।
उन्होंने कहा,''लेकिन, अगर कोई इन मुद्दों पर बोलने के बजाय समोसे की कीमतों, पिज्जा डिलीवरी जैसे मुद्दों को उठाता है, तो क्या आपको यह संदेह नहीं होगा कि वह व्यक्ति (चड्ढा) किसी और के लिए बोल रहा है?''
भाजपा की पंजाब इकाई मुख्यालय के बाहर बुधवार को हुए विस्फोट के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया, ''चंडीगढ़ में कुछ भी गलत होता है, तो उसका दोष मुझ पर मढ़ दिया जाता है। पहले अगर दिल्ली में कुछ होता था, तो अरविंद केजरीवाल को दोषी ठहराया जाता था।''
बुधवार को शाम करीब पांच बजे भाजपा के चंडीगढ़ कार्यालय के पास एक विस्फोट हुआ, जिससे आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
भाषा धीरज नरेश
नरेश
0304 1630 चंडीगढ़