राजस्थान: कांग्रेस नेताओं ने 'नीट' की पिछली परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की
जितेंद्र
- 15 May 2026, 07:13 PM
- Updated: 07:13 PM
जयपुर, 15 मई (भाषा) राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक (यूजी) की पिछले दो साल में हुई परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
उन्होंने शुक्रवार को दावा किया कि 2026 के प्रश्न पत्र लीक मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े आरोपी दिनेश बिवाल की गिरफ्तारी ने पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय एक गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि प्रश्न पत्र लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा गिरफ्तार किए गए दिनेश बिवाल और मांगीलाल बिवाल के परिवार के पांच बच्चों को 2025 में सरकारी एमबीबीएस कॉलेजों में दाखिला मिला था।
डोटासरा ने आरोप लगाया, "नीट का 2024 और 2025 का प्रश्नपत्र भी लीक हुआ था। सरकार ने नहीं इस घोटाले के सरगनाओं को बचने के लिए इसे 'लीक' नहीं माना।"
उन्होंने दावा किया कि आरोपी एक गिरोह का हिस्सा थे, जो जमवारामगढ़ से काम करता था।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि आरोपी 'लीक' प्रश्न पत्र दूसरों को बेचने से पहले अपने परिवार के सदस्यों के लिए इस्तेमाल करते थे।
उन्होंने कहा, "ये (आरोपियों के परिवार के पांच बच्चे) बच्चे नीट-यूजी 2024 में बैठे थे लेकिन सफल नहीं हो पाए थे। 2025 में उन्हें प्रश्न पत्र मिल गया और उन पांचों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिल गया।"
दिनेश बिवाल ने नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर एक 'पोस्ट' में लिखा था, "यह मेरे परिवार के लिए गर्व की बात है कि हमारे पांच बच्चों का चयन सरकारी मेडिकल कॉलेज (एमबीबीएस) में हुआ है। सभी बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।"
सीबीआई ने बुधवार को नीट-यूजी प्रश्न पत्र लीक मामले के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें जयपुर के तीन लोग शामिल हैं।
जयपुर से गिरफ्तार किए गए लोगों में मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल शामिल हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जमवारामगढ़ का रहने वाला दिनेश बिवाल भारतीय जनता पार्टी का पदाधिकारी था।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि 2026 के मामले की जांच से पता चला है कि उसी नेटवर्क के पास 2025 में भी प्रश्न पत्र उपलब्ध थे।
उन्होंने राजस्थान की भाजपा सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि शुरुआत में प्रश्न पत्र लीक के इस नये मामले को दबाने की कोशिश की गयी थी।
डोटासरा ने कहा, "जब सीकर के कोचिंग संस्थान के एक व्यक्ति ने थाने में शिकायत दी तो उसे भगा दिया। फिर उसने एनटीए (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) को ईमेल किया। उसके बाद राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) आनन फानन में हरकत में आई और कई लोगों को पकड़ा। लेकिन राजस्थान सरकार में यह मानने की हिम्मत नहीं थी कि प्रश्न पत्र लीक हुआ है।"
कांग्रेस नेता ने मामले की व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि सीबीआई को यह जांच करनी चाहिए कि कथित तौर पर लीक हुए प्रश्न पत्र किन कोचिंग संस्थान तक पहुंचे।
उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच ही पूरी सच्चाई सामने ला सकती है।
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, "तीन साल से प्रश्न पत्र लीक हो रहा है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए और बच्चों से माफी मांगन चाहिए।"
जूली ने सवाल उठाया कि राज्य से प्रश्न पत्र लीक के आरोप सामने आने के बावजूद नौ दिनों तक राजस्थान में प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई।
जूली ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने प्राथमिकी दर्ज करने में कई दिन की देरी की क्योंकि वह आरोपियों को बचाना चाहती थी और राजस्थान के सख्त कानून को लागू करने से बचना चाहती है।
उन्होंने कहा कि अगर यह मामला राजस्थान में राज्य के 'पेपर लीक' विरोधी कानून के तहत दर्ज किया गया होता तो सजा कहीं ज्यादा सख्त होती।
जूली ने आरोप लगाया कि राजस्थान में मुकदमा दर्ज नहीं किया क्योंकि इसमें भाजपा के लोग शामिल हैं इसलिए मामले को दबाने की कोशिशें की गई।
उन्होंने उन खबरों का भी जिक्र किया, जिनके अनुसार नीट की तैयारी कर रहे दो बच्चों ने परीक्षा की तैयारी से जुड़े तनाव के कारण कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
कांग्रेस नेता ने केंद्र की जवाबदेही पर सवाल उठाया।
भाषा पृथ्वी जितेंद्र
जितेंद्र
1505 1913 जयपुर