फाल्टा पुर्नमतदान: तृणमूल कांग्रेस के 'पुष्पा' जहांगीर खान चुनाव मैदान से पीछे हटे
पारुल
- 19 May 2026, 07:48 PM
- Updated: 07:48 PM
कोलकाता, 19 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को पुर्नमतदान से पहले मंगलवार को एक नाटकीय मोड़ के तहत तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव मैदान से पीछे हटने की घोषणा कर दी। उनके इस कदम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फाल्टा में एकतरफा जीत मिलने की संभावना है।
जहां एक ओर विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस ने खान के निर्णय से दूरी बनाते हुए इसे उनका ''निजी फैसला'' करार दिया और आरोप लगाया कि चुनाव के बाद फाल्टा में भय का माहौल है। वहीं, दूसरी ओर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि खान को कोई मतदान एजेंट नहीं मिल पाया, जिसके कारण वह चुनाव मैदान से ''भाग गए।''
खान फाल्टा में प्रचार अभियान के दौरान सबसे चर्चित चेहरों में एक थे। उन्होंने फिल्म 'पुष्पा' के मुख्य किरदार के इर्द-गिर्द अपनी छवि गढ़ने की कोशिश की थी और कई बार खुद को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया था, जो दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली के आरोपों के बाद फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में फिर से मतदान कराए जाने का आदेश दिया गया था।
खान ने कहा कि उन्होंने फाल्टा के हितों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज देने का वादा किया है, जिसके चलते वह यह निर्णय लेने को प्रेरित हुए।
खान ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''मैं फाल्टा का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि यह क्षेत्र शांतिपूर्ण रहे तथा इसका विकास हो।''
उन्होंने कहा, ''मुख्यमंत्री ने फाल्टा के विकास के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की है, इसीलिए मैंने इस निर्वाचन क्षेत्र में पुनर्मतदान प्रक्रिया से दूर रहने का निर्णय लिया है।''
तृणमूल कांग्रेस ने खान के फैसले से दूरी बनाते हुए कहा कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में फिर से होने वाले चुनाव से पीछे हटना जहांगीर खान का ''निजी फैसला'' है, न कि पार्टी का।
तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान में आरोप लगाया कि चार मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद निर्वाचन क्षेत्र में भय का माहौल है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि फाल्टा में तृणमूल कांग्रेस के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और पार्टी के कई कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई है, उन्हें बंद कर दिया गया है या उन पर जबरन कब्जा कर लिया गया है।
बयान में कहा गया है, ''इतने दबाव के बावजूद, हमारे कार्यकर्ता अडिग हैं और भाजपा द्वारा एजेंसियों तथा प्रशासन के माध्यम से दी जा रही धमकियों का लगातार विरोध कर रहे हैं। हालांकि, कुछ अंततः दबाव के आगे झुक गए।''
इससे पहले, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि पार्टी को खान के फैसले की जानकारी मिल गई है, लेकिन इसके पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
चक्रवर्ती ने संवाददाताओं से कहा, "हमें पता चला है कि जहांगीर खान ने फाल्टा में होने वाला पुन:चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।" उन्होंने कहा, ''हमें अभी तक उनके मैदान से हटने की वजह नहीं पता चली है।''
इस बीच, शुभेंदु ने फाल्टा में प्रचार अभियान के दौरान खान पर निशाना साधते हुए कहा, ''खुद को 'पुष्पा' कहने वाले कहां है? उनके पास कोई और रास्ता नहीं था, क्योंकि उन्हें कोई मतदान एजेंट नहीं मिला, इसलिए उन्होंने चुनाव मैदान से भागने का फैसला किया।''
पूरे चुनाव प्रचार अभियान के दौरान खान ने 'पुष्पा' के किरदार के दबंग अंदाज को अपनाया था और इस फिल्म का मशहूर संवाद ''पुष्पा झुकेगा नहीं'' बोला था।
मतदान से पहले, खान ने पुलिस पर्यवेक्षक अजयपाल शर्मा को सार्वजनिक रूप से चुनौती भी दी थी और कहा था कि 'पुष्पा' की तरह वह भी कभी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।
खान के चुनाव मैदान से पीछे हटने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं दोनों ने ही कहा कि एक उम्मीदवार जिसने कभी न झुकने का वादा किया था, अब खुद चुनाव मैदान से पीछे हटता हुआ दिखाई दे रहा है।
फाल्टा में 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कुछ बूथ पर ईवीएम पर इत्र, स्याही और चिपकने वाली टेप का इस्तेमाल किए जाने के आरोपों के बाद वहां पुनर्मतदान का आदेश दिया गया था।
भाषा
देवेंद्र पारुल
पारुल
1905 1948 कोलकाता