दिल्ली की 96 हजार स्ट्रीट लाइट होंगी स्मार्ट एलईडी में तब्दील
अविनाश
- 20 May 2026, 09:59 PM
- Updated: 09:59 PM
नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में लगी 96 हजार स्ट्रीट लाइट को 473 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट एलईडी लाइट में बदलने की परियोजना को बुधवार को मंजूरी दे दी।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की 'हाइब्रिड' बैठक में दिल्ली की सभी स्ट्रीट लाइट को स्मार्ट एलईडी प्रणाली से बदलने की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दी गई।
इसमें कहा गया है कि लगभग 473.24 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़कों पर लगी करीब 96 हजार स्ट्रीट लाइट को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी दिवाली तक दिल्ली की प्रमुख सड़कें नयी स्मार्ट रोशनी से चमक उठें।
बैठक में दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह व संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
यह परियोजना गुप्ता द्वारा बजट 2026-27 में की गई उस घोषणा का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने पारंपरिक स्ट्रीट लाइट को स्मार्ट एलईडी प्रणाली में बदलने की घोषणा की थी।
बयान के अनुसार, वर्तमान में पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर लगभग 45 हजार पुरानी एचपीएसवी (हाई प्रेशर सोडियम वेपर) लाइट और 51 हजार एचपीएसवी एलईडी लाइट लगी हुई हैं। कुल मिलाकर करीब 96 हजार लाइट और 51,160 खंभे इस नेटवर्क का हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया, "मौजूदा व्यवस्था में कई गंभीर समस्याएं सामने आ रही थीं। स्ट्रीट लाइट की वास्तविक समय में निगरानी की सुविधा नहीं होने के कारण खराब लाइट की जानकारी केवल शिकायत मिलने के बाद ही हो पाती थी।"
गुप्ता ने बताया कि नयी स्मार्ट एलईडी प्रणाली इन समस्याओं का व्यापक समाधान देगी और परियोजना के तहत सभी लाइट को स्मार्ट एलईडी लाइट में बदला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साथ ही भविष्य की जरूरतों और छूटे हुए स्थानों को ध्यान में रखते हुए पांच हजार अतिरिक्त खंभे लगाने का भी प्रावधान किया गया है।
गुप्ता ने बताया कि नयी व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता इसका केंद्रीकृत कमान एवं नियंत्रण (सीसीसी) होगा जिसके माध्यम से प्रत्येक स्ट्रीट लाइट की वास्तविक समय में निगरानी की जा सकेगी और किसी भी लाइट के खराब होने की जानकारी तुरंत मिल जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि एलईडी प्रणाली लागू होने के बाद हर वर्ष लगभग 25 करोड़ रुपये की बिजली बचत होगी।
भाषा नोमान नोमान अविनाश
अविनाश
2005 2159 दिल्ली