बूढा अमरनाथ यात्रा से पुंछ में हिंदू आबादी बढ़ी: विहिप
नरेश
- 21 May 2026, 09:58 PM
- Updated: 09:58 PM
नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि बजरंग दल द्वारा आयोजित वार्षिक बूढ़ा अमरनाथ यात्रा ने जम्मू- कश्मीर के पुंछ शहर में हिंदू आबादी में चार प्रतिशत की वृद्धि में योगदान दिया है और इस क्षेत्र से पलायन को रोकने में मदद की है।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय संगठन महासचिव मिलिंद परांडे ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि पुंछ जिले में स्थित इस धर्मस्थल की तीर्थयात्रा ने इस क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव लाए हैं।
उन्होंने कहा, "इस यात्रा का एक प्रत्यक्ष परिणाम यह है कि पुंछ में रहने वाली हिंदू आबादी लगभग तीन से चार प्रतिशत बढ़ गयी है। इस तीर्थयात्रा से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधि उत्पन्न होने के कारण आर्थिक स्थिरता में भी सुधार हुआ है।"
परांडे ने कहा कि वार्षिक यात्रा न केवल धार्मिक प्रकृति की है, बल्कि राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने और सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों का मनोबल बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा, ''इस तीर्थयात्रा के परिणामस्वरूप, मार्ग में स्थित सभी हिंदू धार्मिक स्थलों को संरक्षित किया गया है। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदुओं में पलायन की बजाय वीरता की भावना बढ़ी है।''
विहिप नेता के अनुसार, इस तीर्थयात्रा ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास में भी योगदान दिया है तथा जम्मू से पुंछ तक का राजमार्ग लगभग बनकर तैयार हो गया है।
उन्होंने कहा,''क्षेत्र तक रेलवे लाइन के विस्तार के संबंध में सर्वेक्षण भी किया गया है।''
परांडे ने बताया कि इस वर्ष की बूढ़ा अमरनाथ यात्रा 16 अगस्त से शुरू होकर 27 अगस्त तक चलेगी।
उनके अनुसार, बजरंग दल पिछले 21 वर्षों से भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित श्री बाबा बूढ़ा अमरनाथ तीर्थस्थल की 'श्री बाबा बूढ़ा अमरनाथ साहसिक यात्रा' आयोजित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि घाटी में आतंकवाद और लगातार सीमा पार से गोलाबारी के कारण 1990 के दशक में यह सदियों पुरानी तीर्थयात्रा लगभग बंद हो गई थी।
परांडे ने बताया कि बजरंग दल ने लगभग 2005 में इस तीर्थयात्रा को पुनर्जीवित करने का दायित्व लिया और शुरुआत में प्रतिवर्ष लगभग 7,000-8,000 प्रतिभागियों को जुटाया।
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश
2105 2158 दिल्ली