गुलमर्ग में 'गंडोला' में खराबी: केबल कार में फंसे सभी 300 पर्यटक बचाए गए, शाह ने बलों की प्रशंसा की
सुरेश
- 25 May 2026, 11:04 PM
- Updated: 11:04 PM
(तस्वीरों के साथ)
श्रीनगर, 25 मई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में सोमवार को एशिया की सबसे ऊंची केबल कार प्रणाली में तकनीकी खराबी आने के बाद घंटों तक आसमान में फंसे रहे 65 केबिन में सवार लगभग 300 पर्यटकों को सात घंटे तक चले कठिन अभियान में बचा लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सात घंटे तक चले एक बड़े बहु-एजेंसी बचाव अभियान के तहत सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यात्रियों को सुरक्षित निकाले जाने को लेकर आपदा राहत बलों के शौर्य एवं कौशल की प्रशंसा की।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ केबिन से लोगों को निकालने में अधिक समय लगा, क्योंकि वे जमीन से लगभग 500 फुट की ऊंचाई पर थे। इलाके में भारी बारिश से भी बचाव कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई।
एक अधिकारी ने आज शाम बताया, ''बचाव अभियान समाप्त हो गया है और सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।''
उन्होंने बताया कि प्रणाली में खराबी के कारण गुलमर्ग केबल कार सेवा का संचालन दोनों तरफ से रोक दिया गया था। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इस केबल कार सेवार को 'गंडोला' के नाम से जाना जाता है।
अधिकारियों के मुताबिक, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों के साथ-साथ पुलिस एवं सेना ने बचाव कार्य में हिस्सा लिया। प्रशिक्षित टीमों ने रस्सियों और सीढ़ियों का उपयोग करके पर्यटकों को सुरक्षित रूप से नीचे उतारा।
उन्होंने बताया कि केबल कार प्रणाली को बहाल करने का काम फिलहाल जारी है।
इसके पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार स्थिति पर "करीबी नजर रख रही है।"
अब्दुल्ला ने कहा कि गुलमर्ग में गंडोला में आई खराबी की जांच की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर कोई चूक पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''घटना की गहन जांच की जाएगी और पूछताछ की जाएगी। किसी भी चूक के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी और उचित कार्रवाई भी की जाएगी।''
मुख्यमंत्री ने फंसे हुए पर्यटकों को सफलतापूर्वक निकालने में शामिल सभी एजेंसियों, बचाव दल और कर्मियों के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी, स्थानीय विधायक फारूक अहमद शाह और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जमीनी समन्वय का जायजा लेने के लिए पर्यटक स्थल का दौरा किया।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात को गुलमर्ग जाकर बचाव अभियान की निगरानी करने का निर्देश दिया था।
सिन्हा ने अपने पोस्ट में लिखा, ''गुलमर्ग में तकनीकी खराबी के कारण केबल कार के कई केबिन में फंसे पर्यटकों के लिए जारी बचाव अभियान की मैं निगरानी कर रहा हूं। मैंने पुलिस महानिदेशक को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है। पुलिस, सेना और एसडीआरएफ की संयुक्त बचाव टीम उपायुक्त और एसएसपी के साथ मिलकर सभी पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियान चला रही है।"
सेना ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि चिनार कोर की सहायता से त्वरित और समन्वित बचाव प्रयास शुरू किए गए हैं।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गंडोला की खराबी के कारण घंटों तक हवा में फंसे 300 से अधिक पर्यटकों को बचाने में आपदा राहत बलों की भूमिका की सराहना की।
उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "कश्मीर के गुलमर्ग में केबल कारों में फंसे 300 पर्यटकों को सुरक्षित बचाने के लिए भारत के आपदा राहत बलों को सलाम।"
शाह ने कहा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना के जवानों, स्थानीय पुलिस और प्रशासन से बनी आपदा राहत टीमों ने तुरंत कार्रवाई की और छह घंटे लंबे अभियान के दौरान 65 केबल कारों में फंसे सभी यात्रियों को बचा लिया।
उन्होंने कहा, "पूरा देश इन बलों के शौर्य और कौशल को सलाम करता है।"
भाषा संतोष सुरेश
सुरेश
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