हिमाचल पंचायत चुनाव: पहले चरण में 78.53 प्रतिशत मतदान; महिला मतदाताओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ा
सुरेश
- 27 May 2026, 01:01 AM
- Updated: 01:01 AM
शिमला, 26 मई (भाषा) हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के पहले चरण के तहत मंगलवार को 78 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ और सभी जिलों में पुरुषों की तुलना में महिलाओं ने कहीं अधिक वोट डाला। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में लू की चेतावनी के बीच 1,293 पंचायतों के लिए मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ, जो अपराह्न तीन बजे शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।
राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अपराह्न तीन बजे तक 78.55 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बारह में से 10 जिलों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक थी।
आंकड़ों से पता चला कि 81.76 प्रतिशत महिला मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंचीं, जबकि पुरुषों का प्रतिशत 75.43 था।
सबसे अधिक मतदान कुल्लू जिले में 84.43 प्रतिशत दर्ज किया गया, इसके बाद सिरमौर में 82.57 प्रतिशत, सोलन में 81.06 प्रतिशत और चंबा में 80.53 प्रतिशत मतदान हुआ। शिमला में 79.80 प्रतिशत, मंडी में 79.39 प्रतिशत, ऊना में 78.76 प्रतिशत, बिलासपुर में 77.39 प्रतिशत, कांगड़ा में 75.75 प्रतिशत, हमीरपुर में 73.05 प्रतिशत और किन्नौर में 73.59 प्रतिशत मतदान हुआ।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लाहौल और स्पीति जिले में सबसे कम मतदान 69.40 प्रतिशत दर्ज किया गया। सिरमौर जिले की कुनारधोमन ग्राम पंचायत में लगभग 97 प्रतिशत मतदान हुआ, जो राज्य में सबसे अधिक है।
शिमला में पंचायत चुनाव के पहले चरण के दौरान तैनात चार मतदान अधिकारियों को मतदान प्रक्रिया में कथित लापरवाही के आरोप में मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पीठासीन अधिकारी अनिल कुमार और मतदान अधिकारी प्रकाश चंद, राज कुमार और रमेश चंद शिमला जिले के नारायण ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर-एक के मतदान बूथ ब्रांडली-एक पर तैनात थे।
उनके निलंबन के संबंध में आधिकारिक आदेश मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप द्वारा जारी किया गया।
मंडी जिला स्थित करसोग के एक वार्ड में पंचायत समिति के चुनाव के लिए मतदान रद्द कर दिया गया, क्योंकि मतपत्र से एक उम्मीदवार का नाम गायब था।
वार्ड में लगभग 2,500 मतदाता हैं और एक उम्मीदवार, होशियार सिंह का नाम 'नोटा' से बदल दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
राज्य मुख्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''राज्य भर में मतदान शांतिपूर्ण रहा। मंडी जिले के एक वार्ड में पंचायत समिति के लिए दोबारा मतदान होगा, क्योंकि छह उम्मीदवारों में से एक का नाम मतपत्रों पर नहीं था।''
मतदान करने वाली महिलाओं में 113 वर्षीय मंगलू देवी भी शामिल हैं। अपने परिवार के सदस्यों के साथ, भद्रोग गांव की मंगलू देवी ने बिलासपुर जिले के सेउ ग्राम पंचायत में स्थापित गुलाबी बूथ पर अपना वोट डाला।
वह इन चुनावों में मतदान करने वाली सबसे बुजुर्ग महिलाओं में से एक थीं।
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) और बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार ने मंगलू देवी के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र के इस ''त्योहार'' में उनकी भागीदारी अन्य मतदाताओं को प्रेरित करेगी।
पहले चरण में 16.5 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र हैं। ग्राम पंचायत सदस्यों, प्रधानों, उप-प्रधानों, पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों के पदों के लिए 9,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं।
चुनाव रंग-आधारित मतपत्रों का इस्तेमाल कर कराए जा रहे हैं। वार्ड सदस्यों के लिए सफेद, उप-प्रधान के लिए पीले, प्रधान के लिए हरे, पंचायत समिति सदस्यों के लिए गुलाबी और जिला परिषद सदस्यों के लिए नीले रंग के मतपत्र हैं।
राज्य निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान और उप-प्रधान पदों के परिणाम मंगलवार को ही घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सीटों के नतीजे 31 मई को घोषित किए जाएंगे।
तीन चरणों में कराए जा रहे इन चुनावों में कुल 50.89 लाख मतदाता 31,182 जनप्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। इनमें 3,754 प्रधान, 3,754 उप-प्रधान, 21,654 वार्ड सदस्य, 1,769 पंचायत समिति सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य शामिल हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, 10,854 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे और तीसरे चरण का मतदान क्रमशः 28 और 30 मई को होगा।
भाषा शोभना सुरेश
सुरेश
2705 0101 शिमला