मोदी के कार्यकाल में भारत में स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव आया : सरकारी पुस्तिका
सुभाष
- 10 Jun 2026, 09:49 PM
- Updated: 09:49 PM
नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) नरेन्द्र मोदी के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने के मौके पर केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को जारी एक पुस्तिका में पिछले 12 वर्षों में देश में स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में हुए बदलावों को रेखांकित किया गया, जिनमें स्वास्थ्य बीमा कवरेज का विस्तार, बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सा बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय वृद्धि शामिल है।
'लोक सेवा में प्रधान सेवक के 11 वर्ष' पुस्तिका में कहा गया है कि दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना 'आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (एबी-पीएमजेएवाई) ने 43 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए हैं।
इसमें कहा गया है कि आयुष्मान भारत योजना में हर परिवार को सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान किया जाता है और इसके तहत अब तक 12 करोड़ से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा चुका है, जिससे लाभार्थियों को 1.25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हुई है।
पुस्तिका के मुताबिक, सरकार ने स्वास्थ्य बीमा कवरेज को और मजबूत करने के लिए चालू वित्त वर्ष में आयुष्मान भारत योजना के लिए 9,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आवंटित की है।
इसमें कहा गया है कि मातृ स्वास्थ्य देखभाल के मामले में सुरक्षित गर्भावस्था सुनिश्चित करने और मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए 'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान' (पीएमएसएमए) के तहत सात करोड़ से अधिक मुफ्त प्रसव-पूर्व जांच की गई हैं।
पुस्तिका के अनुसार, मातृ मृत्यु दर 2014 में प्रति एक लाख जीवित जन्म पर 130 मौतों से घटकर 2026 में 88 हो गई है, जो लगभग 32 फीसदी की कमी है।
पुस्तिका में कहा गया है कि सरकार ने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि योजना के माध्यम से सस्ती दवाओं तक पहुंच का भी विस्तार किया है।
इसमें कहा गया है कि रोजाना औसतन 15 लाख से ज्यादा लोग जन औषधि केंद्रों से सस्ती दवाइयां खरीद रहे हैं, जिससे दवाइयों, इम्प्लांट और चिकित्सा उपकरणों पर मिलने वाली छूट के जरिये नागरिकों की 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हो रही है।
पुस्तिका में कहा गया है कि 'सुविधा' पहल के तहत एक रुपये की कीमत वाले 105 करोड़ से ज्यादा सैनिटरी नैपकिन बेचे गए हैं। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत किडनी की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के चार करोड़ से ज्यादा मुफ्त डायलिसिस सत्र किए गए हैं।
पुस्तिका के मुताबिक, सात करोड़ से ज्यादा लोगों को अमृत फार्मेसी से फायदा हुआ है, जहां गंभीर बीमारियों के इलाज में कारगर दवाएं सस्ती दरों पर मिलती हैं। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार ने देश भर में ऐसी 500 फार्मेसी खोलने का लक्ष्य रखा है।
पुस्तिका के अनुसार, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के जरिये स्वास्थ्य सेवाओं तक समुदायों की पहुंच बढ़ाकर प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को मजबूत किया गया है। इसमें कहा गया है कि पिछले 12 वर्षों में 60 करोड़ से ज्यादा कैंसर संबंधी जांच की गई हैं और 42 करोड़ से अधिक लोगों ने 'टेली-कंसल्टेशन' का लाभ उठाया है।
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