असम में एएन-32 परिवहन विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत
रंजन
- 13 Jun 2026, 08:53 PM
- Updated: 08:53 PM
नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) असम के जोरहाट में रूसी मूल के एएन-32 परिवहन विमान के शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से भारतीय वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई, जिनमें दो अधिकारी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, विमान का सह-पायलट घायल हो गया और जोरहाट के एक सैन्य अस्पताल में उसका इलाज जारी है। विमान में छह लोग सवार थे।
वायुसेना ने बताया कि विमान सुबह करीब 10 बजे एक नियमित उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
मृतक कर्मियों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम के रूप में हुई है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुर्घटना में पांच कर्मियों की मौत पर गहरा दुख जताया।
उन्होंने 'एक्स' पर एक संदेश में कहा, ''देश के लिए उनके साहस और सेवा को हमेशा गर्व और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। दुख की इस घड़ी में देश मजबूती से उनके साथ खड़ा है।''
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जोरहाट में विमान दुर्घटना में वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत पर शोक व्यक्त किया और कहा कि देश उनके साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को सलाम करता है।
कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने इस दुर्घटना के कारणों की उचित जांच की मांग की।
उन्होंने कर्मियों की मौत पर शोक जताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।
गोगोई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ''मैं सरकार और रक्षा मंत्रालय से आग्रह करता हूं कि वे इस दुर्घटना की उचित जांच करें और इसके मुख्य कारण का पता लगाएं ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जा सकें।''
हादसे की वजह का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' गठित की गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान ने जोरहाट वायुसेना स्टेशन से चाबुआ सैन्य अड्डे के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद उसने लैंडिंग का अनुरोध किया।
सूत्रों ने बताया कि उतरने के समय विमान का नियंत्रण बिगड़ गया और वह रनवे से फिसल गया। उन्होंने कहा कि विमान समानांतर टैक्सीवे को पार करते हुए दो हिस्सों में टूट गया और उसमें आग लग गई।
वायुसेना ने एक बयान में कहा, ''जोरहाट में एएन-32 विमान दुर्घटना में पांच कर्मियों की मौत पर भारतीय वायुसेना गहरा दुख व्यक्त करती है।''
इसने शोकसंतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह ''दुख की इस घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।''
एएन-32 सोवियत डिजाइन वाला दो इंजन का परिवहन विमान है। ये विमान दशकों से वायुसेना के लिए एक भरोसेमंद विमान के तौर पर काम कर रहे हैं, और ये दुनिया के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में कर्मचारियों को लाने-ले जाने तथा जरूरी सामान पहुंचाने का काम करते हैं।
भाषा शफीक रंजन
रंजन
1306 2053 दिल्ली