कांग्रेस डूबता जहाज नहीं, पार्टी को मज़बूत बनाने के लिए अलग हुए नेताओं को फिर एकजुट होना चाहिए: राउत
नेत्रपाल
- 13 Jun 2026, 05:08 PM
- Updated: 05:08 PM
पुणे, 13 जून (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस कोई डूबता हुआ जहाज नहीं है और अतीत में कांग्रेस छोड़कर अलग दल बनाने वाले नेताओं को फिर से एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करना चाहिए।
राउत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार से इस दिशा में पहल करने की अपील करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ''विकृत राजनीति'' का मुकाबला करने के लिए सभी को एक साथ आना होगा।
उनकी यह टिप्पणी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा एक दिन पहले कांग्रेस को डूबता जहाज बताए जाने और यह कहे जाने के बाद आई कि कोई समझदार व्यक्ति उसमें (कांग्रेस में) सवार नहीं होगा।
राउत ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, ''यदि हम वास्तव में भाजपा की विकृत राजनीति के खिलाफ लड़ना चाहते हैं, तो सभी को एकजुट होना होगा। कांग्रेस पार्टी को मजबूत बनना चाहिए। कांग्रेस छोड़कर गए सभी नेताओं को पहले एक साथ आना चाहिए। यदि वरिष्ठ नेता शरद पवार पहल करें तो यह संभव हो सकता है। हम एक क्षेत्रीय पार्टी हैं और हम आपके साथ खड़े रहेंगे।''
शिवसेना (उबाठा) के प्रवक्ता ने कहा, ''आज भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कांग्रेस से डरते हैं। कांग्रेस कभी डूबता हुआ जहाज नहीं थी।''
इस सप्ताह की शुरुआत में भी राउत ने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) जैसी पार्टियां, जो कभी कांग्रेस का हिस्सा थीं, उन्हें फिर से एकजुट होकर कांग्रेस को मजबूत करना चाहिए, क्योंकि यह ''समय की आवश्यकता'' है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा, ''जरा एक प्रतिशत भी वह काम दिखाइए जो सही में भाजपा ने किया हो। वे न तो स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा थे और न ही संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में उन्होंने भाग लिया। इन आंदोलनों के दौरान उनका कहीं कोई अस्तित्व नहीं था। ये लोग कायर हैं।''
जब उनसे 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच शिवसेना (उबाठा) के सांसदों के बीच कथित असंतोष के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ''केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सौ बार 'ऑपरेशन टाइगर' चला चुके हैं। राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को तोड़ना लोकतंत्र की विकृत मानसिकता का परिचायक है।''
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि वर्तमान भाजपा नेतृत्व के दौर में यह विकृति अपने चरम पर पहुंच गई है, लेकिन एक दिन इसका अंत भी होगा। उन्होंने कहा कि राज्य और देश, दोनों में इस तरह की राजनीति के खिलाफ विद्रोह होगा।
'ऑपरेशन टाइगर' कथित तौर पर सत्तारूढ़ शिवसेना द्वारा उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के नेताओं को अपने पक्ष में लाने की राजनीतिक रणनीति और गतिविधियों को कहा जाता है।
राउत ने कहा, ''केंद्रीय गृह मंत्री का ध्यान राष्ट्रीय सुरक्षा के अलावा अन्य मामलों में अधिक लगा रहता है। ऐसा लगता है कि न्यायाधीश पिकनिक मनाने लंदन चले जाते हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा के एक एजेंट की तरह काम करता है।''
शिवसेना (उबाठा) नेता ने यह भी कहा कि उन्होंने राजनीति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसा ''अघोरी'' और क्रूर व्यक्ति कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि मोदी उसी धरती से आते हैं, जहां औरंगजेब का जन्म हुआ था।
उन्होंने कहा, ''इस देश की राजनीति में इससे पहले कभी ऐसा 'अघोरी' व्यक्ति पैदा नहीं हुआ। इससे पहले कभी इतना क्रूर व्यक्ति सामने नहीं आया। इस देश ने अनेक महान नेताओं को जन्म दिया है, जैसे जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, पी. वी. नरसिंह राव, राजीव गांधी, बाबा साहेब आंबेडकर और बालासाहेब ठाकरे।''
राउत ने कहा, ''लेकिन जब हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पूरे व्यक्तित्व को देखते हैं, तो वह डर पैदा करता है। ऐसा व्यक्ति आखिर कहां से आया? वह उसी धरती से हैं जिसने औरंगजेब को जन्म दिया था। क्या औरंगज़ेब का जन्म गुजरात में नहीं हुआ था?''
भाषा शोभना नेत्रपाल
नेत्रपाल
1306 1708 पुणे