द्रमुक ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, 'इंडिया' गठबंधन की एकता को 'नुकसान पहुंचाने' का लगाया आरोप
अमित
- 15 Jun 2026, 08:01 PM
- Updated: 08:01 PM
चेन्नई, 15 जून (भाषा) तमिलनाडु के प्रमुख विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने सोमवार को सवाल किया कि क्या कांग्रेस के लिए यह शर्मनाक नहीं है कि वह राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों को सत्ता में आने से रोकने के लिए हर तरह के ''अनैतिक हथकंडे'' अपनाती है और बाद में लोकसभा चुनाव के समय उन्हीं दलों से समर्थन मांगती है।
द्रमुक ने कांग्रेस की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि 23 अप्रैल को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से उसकी 'पीठ में छुरा घोंपा गया' और यह सब पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी के आशीर्वाद से हुआ। साथ ही द्रमुक ने 'इंडिया' गठबंधन की हालिया बैठक में 'एकता का पाठ पढ़ाने' को लेकर उनका मखौल भी उड़ाया।
द्रमुक के मुखपत्र 'मुरासोली' ने एक संपादकीय में कहा कि राहुल गांधी ने एकता पर भाषण दिया है और मुखपत्र ने इसे 'ज्ञान देर से प्राप्त होने' का मामला बताया। इसमें सवाल किया गया, ''क्या हर राज्य में इसी एकता को नुकसान पहुंचाने वाले स्वयं राहुल गांधी नहीं हैं?''
इसमें कहा गया है कि 11 जून को राहुल गांधी ने 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं की बैठक में दिया अपना भाषण जारी किया, क्योंकि कांग्रेस के खिलाफ 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों द्वारा लगाए गए आरोप सार्वजनिक चर्चा में व्यापक रूप से फैल गए थे। ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई कि लोकसभा में विपक्ष के नेता पर दबाव बना कि वे अपना भाषण कांग्रेस की वेबसाइट पर जारी करें।
मुरासोली ने दावा किया कि वाम दल, समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने राहुल गांधी की कड़ी आलोचना करते हुए यह रेखांकित किया कि उनके रवैया से विपक्षी एकता कैसे कमजोर हुई।
मुखपत्र ने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास का भाषण विशेष रूप से महत्वपूर्ण था।
संपादकीय में कहा गया कि केरल में कांग्रेस और माकपा, दोनों प्रभावशाली राजनीतिक दल हैं और अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा और इसके लिए किसी ने भी उन्हें दोषी नहीं ठहराया, लेकिन राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप ''बेतुके'' थे।
मुखपत्र के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने सवाल किया था, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने (तत्कालीन मुख्यमंत्री) पिनराई विजयन को गिरफ्तार क्यों नहीं किया? दोनों के बीच कोई एक गुप्त समझौता है।''
मुरासोली ने कहा कि माकपा ने इसे गंभीर आरोप माना था।
मुखपत्र के अनुसार, ब्रिटास ने 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में आरोप लगाया कि केरल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने वाम दलों और भाजपा के बीच एक गुप्त समझौते का दावा करके साफ साफ झूठ बोला था। मुखपत्र के अनुसार, उन्होंने साथ ही कहा कि वाम दलों को भाजपा-विरोधी रुख साबित करने के लिए कांग्रेस से किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।
संपादकीय में कहा गया कि राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर कि ''वाम अब वाम नहीं रहा'', भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) महासचिव डी राजा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे राहुल गांधी की ''राजनीतिक अपरिपक्वता'' बताया।
इसके अनुसार हालांकि राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा था कि उन्होंने जो कुछ भी कहा वह तथ्यों पर आधारित था और उनका तर्क था कि केरल में वह वामपंथी सरकार ही थी जो अदाणी समूह को राज्य में लेकर आई थी।
मुरासोली ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का भी हवाला दिया, जिन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'इंडिया' गठबंधन से द्रमुक और आम आदमी पार्टी (आप) का बाहर निकलना एक बड़ा झटका है। यादव ने कहा था कि इस पूरे मामले का गंभीरता से विश्लेषण किया जाना चाहिए कि क्या 'इंडिया' गठबंधन को इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
द्रमुक के मुखपत्र ने राजद नेता तेजस्वी यादव के हवाले से कहा कि उन्होंने कहा था कि उन्हें संदेह है कि बिहार में कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच कई मुद्दों पर गुप्त समझौते हो सकते हैं। यादव ने कहा कि उन्होंने यह बात कई बार कांग्रेस नेतृत्व के समक्ष उठाई, लेकिन स्थिति को सुधारने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मुरासोली के अनुसार, राहुल गांधी ने कहा था कि वे पिनराई विजयन को गले नहीं लगा सकते। इस पर मुरासोली ने सवाल किया, ''क्या वे वही व्यक्ति नहीं हैं जिन्होंने संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गले लगाया था? क्या वह दृश्य कोई भूल सकता है?''
संपादकीय के अनुसार, ''किसी ने भी राहुल गांधी से पिनराई विजयन को गले लगाने के लिए नहीं कहा। बल्कि हम उनसे यह अपेक्षा कर रहे हैं कि वे विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग करके ईडी और मोदी सरकार के एक सहायक की तरह काम करना बंद करें। यह विपक्षी नेता का काम नहीं है।''
कांग्रेस के द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन से बाहर निकलने और तमिलनाडु में सत्ताधारी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल होने के घटनाक्रम के बीच, मुरासोली ने कहा कि तमिलनाडु में क्या हुआ, यह सभी जानते हैं।
इसमें आरोप लगाया गया, ''द्रमुक के साथ गठबंधन में रहते हुए कांग्रेस ने जो पीठ में छुरा घोंपने का काम किया, वह राहुल गांधी के आशीर्वाद से किया गया।''
भाषा राखी अमित
अमित
1506 2001 चेन्नई