किश्तवाड़ में थाने में पुलिसकर्मियों से 'मारपीट' मामले में सेना के अधिकारी, सैनिकों पर मामला दर्ज
अमित
- 25 Jun 2026, 02:43 PM
- Updated: 02:43 PM
जम्मू, 25 जून (भाषा) जम्मू कश्मीर पुलिस ने किश्तवाड़ जिले में एक थाने में घुसकर पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सेना के एक कमांडिंग ऑफिसर सहित कई सैन्य कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सेना ने कहा कि मामला उपयुक्त संस्थागत तंत्र के माध्यम से जांच के अधीन है और संयुक्त जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब पुलिस दल ने कथित यातायात उल्लंघन के चलते सेना के एक अधिकारी के निजी वाहन रोककर जब्त कर लिया।
अथोली पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि यह घटना बुधवार को उस समय हुई जब थाना प्रभारी (एसएचओ) इंस्पेक्टर अमृत कोटाच एक बैठक में शामिल होने के लिए पड्डर ब्लॉक विकास अधिकारी के कार्यालय गए हुए थे, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त कर रहे थे।
कोटाच ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्हें एक कॉल आयी, जिसमें बताया गया कि थाने परिसर के भीतर "आपराधिक साजिश" के तहत हिंसक हमला हुआ और यह घटना 17 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के कमांडिंग ऑफिसर एन अरुण गांधी के सीधे निर्देश पर हुई।
थाना प्रभारी (एसएचओ) ने बताया कि मेजर विकास शर्मा और नायब सूबेदार शंकर गुरखे के नेतृत्व में 17 आरआर के कैंप किजयी के लगभग 30 से 40 कर्मियों ने पुलिस थाने पर एक पूर्व ''नियोजित'' हमला किया। उन्होंने बताया कि हमलावर मुख्य द्वार और चहारदीवारी फांदकर थाने में घुसे थे तथा उनके पास लाठियां, लोहे की रॉड और अन्य हथियार थे। उन्होंने कहा, ''उनका साझा उद्देश्य ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को जानलेवा चोट पहुंचाना और उनकी हत्या करना था।''
उन्होंने यह भी बताया कि वह तुरंत थाने वापस पहुंचे, जहां मेजर शर्मा ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की।
प्राथमिकी के अनुसार, सेना के जवानों ने कोटाच की कथित तौर पर वर्दी फाड़ दी और उप-प्रभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) विजय कुमार भगत के साथ भी मारपीट की, जो मौके पर पहुंचे थे।
एसएचओ ने कहा, ''आरोपी सेना के जवानों ने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ भी साझा आपराधिक मंशा के तहत बेरहमी से मारपीट की।''
उन्होंने बताया कि विशेष पुलिस अधिकारी सुरेश कुमार को सर्विस राइफल के बट से गर्दन पर मारा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि इस "बिना उकसावे के किए गए हमले" में ड्यूटी पर तैनात कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि सेना के जवानों ने थाने के अंदर किश्तवाड़ के सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) और उनके निजी सुरक्षा अधिकारियों के साथ भी मारपीट की।
प्राथमिकी के अनुसार, हमलावरों ने सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को भी व्यापक नुकसान पहुंचाया, जिसमें एआरटीओ के आधिकारिक वाहन, एसडीपीओ और एसएचओ के वाहनों को क्षतिग्रस्त करना तथा पुलिस थाने के मुख्य द्वार को तोड़ना शामिल है।
प्राथमिकी में कहा गया है कि आरोपियों के कृत्य भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत संज्ञेय अपराधों के अंतर्गत आते हैं। इनमें अवैध रूप से एकत्र होना, दंगा करना, घर में अनधिकृत रूप से प्रवेश करना, जानबूझकर चोट पहुंचाना और गंभीर चोट पहुंचाना, सरकारी कार्य में लगे लोक सेवकों पर हमला, हत्या का प्रयास, आपराधिक धमकी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला तोड़फोड़/क्षति तथा अन्य संबंधित अपराध शामिल हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के प्रावधान भी लागू किए गए हैं।
भाषा तान्या अमित
अमित
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