पाकिस्तान जाकर जैश कमांडर से शादी की थी महिला की योजना, एटीएस ने किया गिरफ्तार
अमित
- 25 Jun 2026, 06:00 PM
- Updated: 06:00 PM
जयपुर, 25 जून (भाषा) जयपुर में पांच दिन पहले गिरफ्तार की गई 38 वर्षीय महिला ने नेपाल के रास्ते पाकिस्तान जाकर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के प्रमुख मसूद अजहर के करीबी माने जाने वाले एक संदिग्ध आतंकी कमांडर अबू उबैदा से शादी करने की कथित तौर पर तैयारी कर रही थी। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, महिला को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया गया था और एक इस्लामी उपदेशक द्वारा आनलाइन उसका धर्म परिवर्तन भी कराया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक महिला की पहचान बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक वह पिछले कई सप्ताह से सैन्य खुफिया एजेंसियों की निगरानी में थी।
राजस्थान पुलिस के आतंकवाद-रोधी दस्ते (एटीएस) ने रविवार को उसे गिरफ्तार करके गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया था। बबीता 27 जून तक पुलिस हिरासत में है।
अधिकारियों ने बताया कि उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच में कई पाकिस्तानी नंबर मिले हैं। उन्होंने बताया कि इनमें कुछ नंबर के जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के एक करीबी रिश्तेदार यूसुफ अजहर और भारत में कई मामलों में वांछित कारी जरार से जुड़े होने का संदेह है।
अधिकारियों के अनुसार जांच में सामने आया कि जयपुर के सीतापुरा क्षेत्र में अपने माता-पिता के घर रहने वाली बबीता के पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्यों और समर्थकों से कथित संबंध थे।
अधिकारियों के अनुसार बबीता ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2025 में पहलगाम हमले के बाद उसने सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी आतंकियों के बारे में जानकारी तलाशनी शुरू की थी और धीरे-धीरे उसके संपर्क कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े कई लोगों से हो गए।
अधिकारियों के अनुसार महिला ने बताया कि शुरुआत में वह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से जुड़े फेसबुक पेज देखती थी और उनके फॉलोअर को बिना किसी विशेष उद्देश्य के फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती थी। उसने बताया कि समय के साथ जिज्ञासावश उसके कई लोगों से संपर्क बन गए।
जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि महिला के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में कई पाकिस्तानी नागरिकों और जैश सदस्यों से जुड़े कथित प्रोफाइल से संपर्क का पता चला है।
अधिकारी ने कहा, "वह फेसबुक मैसेंजर और वाट्सऐप के जरिए पाकिस्तान में रहने वाले कई लोगों से नियमित रूप से बातचीत कर रही थी।"
सूत्रों के अनुसार महिला के उपकरणों से प्रतिबंधित संगठन से जुड़े कथित चैट, वीडियो और संपर्क विवरण भी मिले हैं। सूत्रों के अनुसार जांच में उसने स्वीकार किया कि उसने भारतीय मोबाइल नंबर पर प्राप्त वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) एक जैश सदस्य के साथ साझा किए थे, जिससे उन नंबरों का उपयोग पाकिस्तान में सोशल मीडिया और अन्य संचार प्लेटफॉर्म पर किया जा सके।
सूत्रों ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि "अबू उबैदा" नामक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया और दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध विकसित हो गए।
दर्ज प्राथमिकी के हवाले से सूत्रों ने बताया कि महिला ने दावा किया कि वह अबू उबैदा से भावनात्मक रूप से जुड़ गई थी और "मुजाहिदीन" के प्रति आकर्षण के कारण जैश-ए-मोहम्मद में उसकी रुचि बढ़ी। सूत्रों ने बताया कि उसने बताया कि वह संगठन के सदस्यों और समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए हथियारों से संबंधित पोस्ट और रील्स नियमित रूप से देखती और पसंद करती थी।
प्राथमिकी के अनुसार महिला ने बताया कि अबू उबैदा उससे शादी करना चाहता था और उसे नमाज पढ़ने, कुरान का अध्ययन करने तथा इस्लामी शिक्षाओं का पालन करने के लिए प्रेरित करता था। प्राथमिकी के अनुसार उसे पाकिस्तान आकर जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने का प्रस्ताव भी दिया गया था और इसके लिए उसे पासपोर्ट बनवाने को कहा गया था।
इसके अनुसार महिला ने अबू उबैदा और एक मौलवी के साथ पाकिस्तान पहुंचने के संभावित मार्गों पर चर्चा की थी जिसमें नेपाल, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रास्ते शामिल थे। इसके अनुसार यात्रा खर्च के लिए क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग पर भी बातचीत हुई थी, जिसके बाद उसने क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित एप्लिकेशन डाउनलोड किए और इस विषय पर ऑनलाइन जानकारी जुटाई।
सूत्रों के अनुसार महिला ने स्वीकार किया कि उसने अपने भारतीय मोबाइल नंबरों पर प्राप्त ओटीपी अपने पाकिस्तानी हैंडलर को भेजे थे ताकि वह उन नंबरों पर वाट्सऐप संचालित कर सके।
जांच अधिकारियों के मुताबिक महिला घंटों तक अबू उबैदा के साथ चैट और वीडियो कॉल करती थी। अधिकारियों ने बताया कि बाद में उसे पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है, जिससे वह निराश हो गई।
अधिकारियों ने दावा किया कि महिला ने इंटरनेट पर विस्फोटक बनाने के तरीकों की भी तलाश की थी और उसके पाकिस्तानी आका ने उसे भारत में सक्रिय कुछ नेटवर्कों के बारे में भी जानकारी दी थी।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उसके मोबाइल फोन की विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही इन दावों की पूरी पुष्टि हो सकेगी।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान महिला ने अपने कृत्यों पर कोई पछतावा नहीं जताया।
अधिकारियों ने बताया कि बबीता पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर की है। उसकी शादी वर्ष 2018 में हुई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उसका पति से अलगाव हो गया था।
मामले की जांच एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी है।
भाषा बाकोलिया
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