हिमाचल : मंडी के सुंदरनगर जलाशय में गाद निकालने से स्थानीय लोगों में गुस्सा
नरेश
- 03 Jul 2026, 08:12 PM
- Updated: 08:12 PM
मंडी (हिमाचल प्रदेश), तीन जुलाई (भाषा) मंडी के सुंदरनगर में एक जलाशय से गाद निकालने का काम मॉनसून की शुरुआत के साथ ही शुरू हुआ, जिससे स्थानीय लोगों में रोष है। लोगों का आरोप है कि इस काम से इलाके की मिट्टी की उपजाऊ क्षमता और जलीय जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है।
भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की 990 मेगावाट की व्यास-सतलुज लिंक (बीएसएल) परियोजना, व्यास नदी के पानी को 61 मीटर ऊंचे पंडोह बांध, 13.10 किलोमीटर लंबी सुरंग और 11.8 किलोमीटर लंबे खुले चैनल के जरिए सतलुज नदी में मोड़ती है।
व्यास नदी से आने वाली भारी गाद के कारण, बहाव की दिशा में मौजूद बिजली उपकरणों की सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर गाद हटाने के काम की जरूरत होती है। शुरुआत से ही गाद इस परियोजना की मुख्य समस्या रही है।
व्यास नदी के पानी को पंडोह बांध से सतलुज नदी की ओर मोड़ा जाता है और दिन के समय इसे एक 'संतुलित जलाशय' में जमा किया जाता है, जहां गाद नीचे बैठ जाती है।
'संतुलित जलाशय' से गाद हटाने के लिए, बीबीएमबी ने एक ड्रेजर खरीदा और गाद को सुकेती खड्ड वन क्षेत्र में डालना शुरू कर दिया।
सुकेती खड्ड में गाद जमा होने से जब सबसे उपजाऊ बल्ह घाटी बर्बाद होने लगी, तो स्थानीय लोग इसके खिलाफ उठ खड़े हुए। यह गाद सुंदरनगर और मंडी शहर के बीच 20 किलोमीटर लंबे रास्ते के दोनों ओर स्थित खेतों में बहकर चली जाती है।
स्थानीय निवासी सुखबीर ने आरोप लगाया कि गाद के बहाव से सुकेती खड्ड में पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंचा और कई जलापूर्ति योजनाओं पर भी असर पड़ा।
पहले बीबीएमबी साल भर गाद निकालने का काम करता था, लेकिन जब क्षेत्र में रहने वाले किसानों ने सरकार के सामने यह मुद्दा उठाया, तो एक अध्ययन किया गया। अध्ययन के बाद में यह तय किया गया कि गाद निकालने का काम सिर्फ मॉनसून के मौसम में ही किया जाएगा, जिसके लिए एक और ड्रेजर खरीदा गया।
उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ वकील मनोहर लाल शर्मा ने कहा कि बीबीएमबी सुकेती खड्ड में गाद डाल रहा है, जो निश्चित रूप से एक वन क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने के लिए बीबीएमबी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
बीबीएमबी, सुंदरनगर के उप मुख्य अभियंता कश्मीर सिंह ठाकुर ने बताया कि 30 जून की आधी रात को गाद निकालने का काम शुरू हुआ और तीनों मशीन पर्यावरण प्रबंधन योजना के मुताबिक गाद निकाल रही हैं।
भाषा शफीक नरेश
नरेश
0307 2012 मंडी