उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में हत्या और अपहरण के मामलों में छह दोषियों को उम्रकैद
सं, आनन्द रवि कांत
- 05 Jul 2026, 12:53 AM
- Updated: 12:53 AM
मेरठ/एटा/पीलीभीत, चार जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मेरठ, एटा और पीलीभीत जिलों की स्थानीय अदालतों ने हत्या और अपहरण के तीन अलग-अलग मामलों में शनिवार को छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पुलिस ने इन मामलों में दोषसिद्धि का श्रेय राज्य सरकार के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत प्रभावी पैरवी को दिया है।
मेरठ में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने वर्ष 2020 में एक महिला को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के मामले में उसके पति समेत एक ही परिवार के चार लोगों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना एक अक्टूबर, 2020 को किठौर थाना क्षेत्र के माछरा गांव में हुई थी। गंभीर रूप से झुलसी संजीत कौर की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी।
अदालत ने इस मामले में महिला के पति राजवीर सिंह, देवर जयवीर, ननद पूनम और सास कनकतो को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 8,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पुलिस के अनुसार यह सजा 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत प्रभावी निगरानी और अभियोजन के कारण संभव हो सकी।
एटा में विशेष अदालत ने 22 वर्ष पुराने फिरौती के लिए अपहरण के एक मामले में गुड्डा उर्फ बिंटू उर्फ सतेंद्र कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई, 2004 को कोतवाली देहात थाने में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति का अपहरण कर उसे बंधक बनाया गया था। जांच के बाद उसी वर्ष सितंबर में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की तत्कालीन धारा 364ए (फिरौती के लिए अपहरण) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
पुलिस ने बताया कि इस मामले को 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत प्राथमिकता से चलाया गया। एटा की विशेष डकैती अदालत ने शुक्रवार को आरोपी को दोषी ठहराया और शनिवार को उसे आजीवन कारावास के साथ 50,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
पीलीभीत में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने वर्ष 2020 के एक हत्या के मामले में दिव्यांग व्यक्ति देवकी नंदन (46) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 23 जनवरी, 2020 को देवरिया थाना क्षेत्र के देवहना गांव के पास जंगल में शांति दास (62) का शव मिला था। प्रारंभ में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन जांच के दौरान बाएं कंधे से हाथ कटे हुए देवकी नंदन की संलिप्तता सामने आई।
अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनास्थल से प्राप्त मिट्टी की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित किए। इसके बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा 25,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
भाषा
सं, आनन्द रवि कांत
0507 0053 एटा