मप्र : मऊगंज में मादक पदार्थ निर्माण इकाई का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
सं, ब्रजेन्द्र रवि कांत
- 06 Jul 2026, 10:46 PM
- Updated: 10:46 PM
मऊगंज, छह जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में सोमवार को पुलिस ने एक मादक पदार्थ निर्माण इकाई का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव में की गई इस कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये मूल्य की एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन), मादक पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, रसायन और अन्य मादक पदार्थों के साथ एक चारपहिया वाहन भी बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह रीवा से मुंबई तक मादक पदार्थों की आपूर्ति करता था और गिरफ्तार आरोपी एक बड़े अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हैं।
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र जैन ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि गिरोह के मुख्य सरगना, इसके वित्तपोषकों और मुंबई में मौजूद बड़े खरीदारों का पता लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में तैयार एमडी ड्रग्स, नशीले पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रसायन, एसिड, इलेक्ट्रॉनिक तराजू तथा मादक पदार्थ बनाने की मशीनें बरामद हुई हैं।
जैन ने बताया कि मादक पदार्थों की आपूर्ति में इस्तेमाल होने वाला एक चारपहिया वाहन भी जब्त किया गया है।
इस बीच, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य में लगातार सामने आ रहे शराब तस्करी और मादक पदार्थ से जुड़े मामलों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था की 'पूर्ण विफलता' का प्रमाण है।
पटवारी ने एक बयान में कहा कि हाल ही में आलीराजपुर जिले के जोबट क्षेत्र में एक कूरियर कंपनी के दो कंटेनरों से करीब दो करोड़ रुपये मूल्य की 2,004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी।
उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में एक कंटेनर से 930 पेटी और दूसरे से 1,074 पेटी शराब बरामद हुई, जिसे शराबबंदी वाले राज्य गुजरात भेजा जा रहा था। इस मामले में देवास के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन यह पूरे नेटवर्क की केवल एक छोटी कड़ी है।
उन्होंने कहा कि यह मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब मऊगंज में मादक पदार्थ निर्माण इकाई पकड़े जाने का मामला सामने आ गया।
पटवारी ने आरोप लगाया कि यह साबित करता है कि मध्यप्रदेश में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है और इसकी जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा, ''शराब माफिया हों या मादक पदार्थ माफिया, दोनों ही बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रहे हैं।''
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे संगठित अपराध का बड़ा नेटवर्क बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर करोड़ों रुपये की अवैध शराब प्रदेश की सड़कों पर खुलेआम कैसे पहुंच रही थी।
उन्होंने यह भी पूछा कि मादक पदार्थ निर्माण इकाई किसके संरक्षण में संचालित हो रही थी और क्या सत्ता के संरक्षण तथा प्रशासनिक मिलीभगत के बिना इतना बड़ा अवैध कारोबार संभव है।
पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से इन सवालों का जवाब मांगते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के दो दशक के शासनकाल में मध्यप्रदेश अपराध और माफिया गतिविधियों का गढ़ बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा, ''आज प्रदेश का युवा नशे की गिरफ्त में जा रहा है, लेकिन सरकार केवल प्रचार और झूठे दावों में व्यस्त है।''
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सं, ब्रजेन्द्र रवि कांत
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