दिल्ली के अरुणा आसफ अली अस्पताल के ड्यूटी रूम में मृत मिले डॉक्टर
दिलीप
- 06 Jul 2026, 10:40 PM
- Updated: 10:40 PM
नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार के अरुणा आसफ अली अस्पताल में 35 वर्षीय डॉक्टर ड्यूटी रूम के अंदर मृत मिला। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। अधिकारियों के मुताबिक, युवक मानसिक तनाव में था, क्योंकि अलग-अलग जाति से होने के चलते परिवार वाले उसकी सहकर्मी के साथ शादी के लिए तैयार नहीं थे।
पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान डॉ. सिमरप्रीत सिंह आनंद के रूप में हुई है, जो अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग में वरिष्ठ रेजिडेंट थे। पुलिस के अनुसार, वह अस्पताल में लगभग तीन वर्षों से तैनात थे।
पुलिस के मुताबिक, आनंद शनिवार रात आठ बजे से रविवार सुबह आठ बजे तक रात्रि ड्यूटी पर थे और रात 11 बजे तक सक्रिय थे और फिर वह ड्यूटी कक्ष नंबर 109 में चले गए।
पुलिस ने बताया कि जब शिफ्ट खत्म होने के बाद वह बाहर नहीं आए, तो उनके सहकर्मियों ने उन्हें फोन किया और दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
पुलिस के मुताबिक, कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद, अस्पताल के अधिकारियों को सतर्क किया गया। पुलिस ने बताया कि अंदर से बंद कमरे को सुबह करीब नौ बजे जबरन खोला गया और आनंद बिस्तर पर बेहोश पाया गया।
पुलिस ने बताया कि उसे अस्पताल के आपातकालीन विभाग में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रविवार को उसे मृत घोषित कर दिया।
एक पुलिस सूत्र ने कहा, "आनंद के बाएं हाथ में एक कैनुला लगा हुआ मिला, जिसे डॉक्टर के अनुरोध पर शनिवार रात करीब 10 बजे एक तकनीशियन सहायक ने लगाया था।"
सूत्रों ने बताया कि जिला अपराध टीम और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल), रोहिणी ने घटनास्थल की जांच की और कमरे से सीरिंज, दवा की खाली शीशियां, तीन पेज का पत्र और एक डायरी बरामद की।
सूत्र ने कहा, ''पत्र में कहा गया है कि आनंद मध्य प्रदेश की एक महिला सहकर्मी के साथ रिश्ते में थे, लेकिन उनकी शादी नहीं हो सकी। उनके परिवारों ने विवाह का विरोध किया, क्योंकि वे अलग-अलग जाति के थे।''
पुलिस ने कहा कि डॉक्टर ने लिखा है कि वह इस मुद्दे पर भावनात्मक तनाव में थे।
मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले आनंद ने एनेस्थीसिया में एमडी किया था और वे पिछले करीब तीन साल से अस्पताल में काम कर रहे थे। वर्ष 2023 में दिल्ली सरकार की सेवा के लिए चुने जाने के बाद वे लाजपत नगर में किराए के मकान में रहते थे, जबकि उनका परिवार लुधियाना में रहता था।
घटना के बाद, आनंद के चाचा ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या की गई है और अस्पताल में काम करने वाली एक महिला डॉक्टर पर आरोप लगाए।
हालांकि, पुलिस ने बताया कि शव पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिला और कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया कि कमरे को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक सबूत इकट्ठा किए गए हैं।
पुलिस ने कहा कि मौत की सही वजह का पता लगाने के लिए चिकित्सकों का एक बोर्ड पोस्टमार्टम करेगा और आगे की जांच जारी है।
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