देशभर में मानसून का कहर: दिल्ली-मुंबई में जलभराव, पुणे में इमारत गिरने से 11 लोगों के फंसे होने की आशंका
देवेंद्र
- 09 Jul 2026, 01:09 AM
- Updated: 01:09 AM
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) देश के कई हिस्सों में बुधवार को मानसून की भारी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। मूसलाधार बारिश के कारण कई स्थानों पर अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए और रेल तथा सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में कूड़े का पहाड़ एक इमारत पर गिरने से 11 लोगों के फंसे होने की आशंका है। वहीं दिल्ली और मुंबई के कई इलाकों में जलभराव हो गया।
गुजरात के सूरत में भी भारी बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में जिले में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने निचले इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है तथा जलमग्न क्षेत्रों में ऊंची इमारतों में रह रहे लोगों तक भोजन के पैकेट पहुंचाए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बातचीत कर भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। यह बातचीत केरल के वायनाड में मलबा गिरने, जम्मू के डोडा में अचानक आई बाढ़ तथा महाराष्ट्र और गुजरात में हुई जानलेवा घटनाओं और व्यापक व्यवधानों के बाद हुई।
केरल के वायनाड में सुरंग निर्माण परियोजना स्थल पर बारिश के कारण खुदाई की गई मिट्टी का ढेर ढह जाने से लापता हुए पांच लोगों की तलाश बुधवार को भी जारी रही। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
वहीं मुंबई में कुछ समय की राहत के बाद फिर गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं और कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
महाराष्ट्र में वसई-विरार खंड तथा दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में रेलवे ट्रैक पर जलभराव के कारण गुजरात की ओर जाने वाली लंबी दूरी की रेलगाड़ियां प्रभावित रहीं। वहीं भोर घाट क्षेत्र में भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात धीमा पड़ गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गरज-चमक और भारी बारिश की चेतावनी देते हुए 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है।
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। रेल सेवाएं बाधित हैं और भूस्खलन तथा जलभराव से लोगों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ के मोशी इलाके में कूड़े का पहाड़ तीन मंजिला इमारत पर गिरने से वह ढह गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इमारत में नगर निगम की ओर से कचरा प्रसंस्करण का कार्य करने वाली निजी कंपनी का प्रशासनिक कार्यालय संचालित होता था। हादसे में कम से कम 11 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
नासिक जिले में लगातार बारिश के कारण गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
जिला प्रशासन ने गोदावरी, कड़वा और गिरणा नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि पालखेड़ और नांदूर मध्यमेश्वर सहित विभिन्न बांधों से पानी छोड़े जाने के मद्देनजर वे अपने कीमती सामान, पशुधन और अन्य जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें।
रायगढ़ जिले में उल्हास नदी का पानी रेलवे ट्रैक पर आने के कारण नेरल और कर्जत स्टेशनों के बीच रेल सेवा लगभग एक घंटे तक बाधित रही।
खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण मुंबई आने वाली नौ उड़ानों को निकटवर्ती हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। बाद में सभी विमान सुरक्षित रूप से मुंबई हवाई अड्डे पर उतर गए।
मुंबई में तेज बारिश और आंधी के कारण उपनगरीय लोकल ट्रेनें 25 से 30 मिनट की देरी से चलीं तथा कई इलाकों में जलभराव हो गया।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने वाली सात झीलों में से एक तुलसी झील मंगलवार देर रात भरकर बहने लगी। इससे कुछ घंटे पहले विहार झील भी लबालब होकर बहने लगी थी। आईएमडी ने मुंबई और उपनगरों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
सूरत में बुधवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में 358 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए। अधिकारियों के अनुसार 3,400 से अधिक लोगों को बचाया गया, जबकि 3,800 से ज्यादा लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
अधिकारियों के अनुसार बारिश से जुड़ी घटनाओं में बिजली का करंट लगने, पेड़ गिरने और डूबने से नौ लोगों की मौत हो गई।
शहर के कई घरों, व्यावसायिक परिसरों और दुकानों में पानी भर गया। वराछा स्थित पोद्दार आर्केड की भूतल की दुकानें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। जलभराव के कारण सिटी बस सहित सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित रहीं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग घुटनों तक पानी में चलते दिखाई दिए।
दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल में भी भारी बारिश हुई है।
दिल्ली में लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात प्रभावित रहा। आईएमडी ने गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ भारी बारिश की संभावना जताते हुए 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
रोहिणी क्षेत्र में बारिश के दौरान निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
सदर बाजार, नसीरपुर, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, तेलीवाड़ा, महावीर बाजार, स्वरूप नगर और कुशक रोड सहित कई इलाके जलमग्न रहे। कई स्थानों पर लोगों को घुटनों तक पानी में चलकर निकलना पड़ा।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) को जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से संबंधित कम से कम 10 शिकायतें प्राप्त हुईं।
रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर, विशेषकर धौला कुआं, महिपालपुर और रजोकरी के आसपास जलभराव और कम दृश्यता के कारण लंबा जाम लगा रहा।
राजस्थान में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय रहा। कोटा जिले के रामगंजमंडी में सबसे अधिक 10 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। आईएमडी ने अगले दो से तीन दिनों तक राज्य में व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तर प्रदेश के ऊपर बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से राजस्थान में बारिश का दौर जारी रहेगा।
गुरुग्राम में जलभराव के कारण कई स्थानों पर वाहन फंस गए और प्रमुख मार्गों पर यातायात बेहद धीमी गति से चला।
नरसिंहपुर के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे की सर्विस लेन, बसई, उमंग भारद्वाज चौक, कादीपुर, सेक्टर-10ए, सोहना रोड सहित कई इलाकों में घंटों तक जाम लगा रहा।
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव और जाम की समस्या को देखते हुए गुरुग्राम यातायात पुलिस ने बुधवार को दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए।
पुलिस उपायुक्त (यातायात) प्रतीक गहलोत ने कहा कि यातायात का ज़्यादा दबाव, मॉनसून का मौसम और रात के समय आवाजाही को देखते हुए यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए 260 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
गुरुग्राम में पिछले 33 घंटों में 115 मिमी से ज़्यादा बारिश हुई है, जिसमें मंगलवार को 83 मिमी और बुधवार को 32 मिमी बारिश शामिल है, जिससे शहर में जलजमाव और जाम की स्थिति पैदा हो गई है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में भारी बारिश से आई अचानक बाढ़ के कारण कई सड़कों का संपर्क टूट गया। बाढ़ से गणवी खड्ड पर बना अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे क्याओ और कुट पंचायतों का संपर्क बाधित हो गया और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर दोनों ओर फंसे लोगों तथा रास्ता बहाल करने के लिए पत्थर हटाते ग्रामीणों के वीडियो भी सामने आए।
उधर, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आईएमडी द्वारा भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किए जाने के बाद एहतियात के तौर पर नौ जुलाई को कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों तथा सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। यह निर्णय जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है।
भाषा शोभना देवेंद्र
देवेंद्र
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