एमयूडीए ‘घोटाला’: कर्नाटक के मंत्री ने ‘‘पर्दा डालने’’ के आरोप खारिज किए, एसआईटी जांच से इनकार किया
सिम्मी वैभव
- 08 Jul 2024, 03:55 PM
- Updated: 03:55 PM
बेंगलुरु, आठ जुलाई (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने सोमवार को इन आरोपों को खारिज कर दिया कि सरकार राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की पत्नी पार्वती सहित जमीन गंवाने वाले लोगों को मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) द्वारा भूखंड आवंटित किए जाने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर ‘‘पर्दा डालने’’ की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कथित घोटाले की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने से इनकार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही इस मामले पर स्पष्टीकरण दे चुके हैं।
परमेश्वर से सवाल किया गया कि क्या सरकार घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है जिसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी बात पर पर्दा नहीं डालेंगे, हमारी (सरकार) एक खुली किताब की तरह है। इसमें कुछ भी छिपाने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है। हमें इस बारे में बार-बार बात करने की आवश्यकता नहीं है।’’
केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने पिछले सप्ताह उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख डी के शिवकुमार पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा था कि एमयूडीए भूमि आवंटन घोटाले का पर्दाफाश उस व्यक्ति ने किया था, जिसकी नजर मुख्यमंत्री पद पर है।
परमेश्वर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘कुमारस्वामी ने क्या कहा है, इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करेगी, उन्होंने कहा, ‘‘नहीं। इसकी कोई जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्पष्टीकरण दे दिया है। जांच की क्या जरूरत है?’’
भाजपा ने आरोप लगाया है कि पार्वती को मैसुरु के एक पॉश इलाके में मुआवजे के तौर पर ऐसा भूखंड आवंटित किया गया जिसका मूल्य उनकी उस जमीन की तुलना में अधिक था जिसे एमयूडीए ने ‘‘अधिग्रहीत’’ किया था।
एमयूडीए ने पार्वती को उनकी तीन एकड़ से अधिक क्षेत्रफल की जमीन के बदले में 50:50 अनुपात योजना के तहत भूखंड आवंटित किए थे। इस विवादास्पद योजना के तहत अधिग्रहीत अविकसित भूमि के बदले में भूमि देने वाले को 50 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित करने की परिकल्पना की गई है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि एमयूडीए ने भूमि देने वालों को भूखंड वितरित करने में 4,000 करोड़ रुपये की अनियमितता की।
भाषा सिम्मी