एनआरसी को आधार से जोड़ने के असम सरकार के कदम पर विपक्ष ने किया प्रहार : असम ‘कानूनविहीन’ बना
राजकुमार रंजन
- 12 Dec 2024, 02:59 PM
- Updated: 02:59 PM
गुवाहाटी, 12 दिसंबर (भाषा) असम में विपक्षी कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने आधार कार्ड प्राप्त करने के लिए एनआरसी आवेदन को पूर्व शर्त बनाने के असम सरकार के फैसले की बृहस्पतिवार को आलोचना की और कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व शर्मा और भाजपा के शासन में असम ‘कानून विहीन राज्य’ में तब्दील हो गया है।
आधार कार्ड को राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से जोड़ने के प्रयास में असम सरकार ने बुधवार को निर्णय किया कि ‘विशिष्ट पहचान पत्र (आधार कार्ड)’ के लिए दिये जाने वाले सभी आवेदनों को खारिज कर दिया जाएगा, यदि आवेदक या उनके परिवार ने एनआरसी के लिए आवेदन नहीं किया है।
शर्मा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि समस्या ग्रस्त बांग्लादेश के नागरिकों की घुसपैठ की कोशिश के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ असम में फर्जी लाभार्थियों की समस्या बहुत बड़ी है। खुद सरकारी आंकड़े बताते हैं कि प्रधानमंत्री किसान योजना के क्रियान्वयन में करोड़ों रुपये का सरकारी धन बर्बाद चला गया।’’
असम मंत्रिमंडल द्वारा आधार-एनआरसी के फैसले पर ‘पीटीआई’ की एक खबर को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के लोग जीएसटी, उपकर और कई अन्य शुल्कों का भुगतान कर रहे हैं। गोगोई ने आरोप लगाया, ‘‘...लेकिन पूरा पैसा भाजपा पार्टी के सदस्यों की जेब में जा रहा है।’’
तृणमूल की राज्यसभा सदस्य एवं असम निवासी सुष्मिता देव ने कहा कि एनआरसी को भारत के महापंजीयक द्वारा आज तक अधिसूचित नहीं किया गया है । उन्होंने इसे आधार कार्ड का आधार बनाने पर सवाल उठाया है।
उन्होंने लिखा, ‘‘दूसरी बात, भारत में गैर-नागरिकों को भी आधार कार्ड मिल जाता है, यदि वे आवेदन करने से पहले 12 महीनों में 182 दिन यहां रहे हों। अंत में, जब तक सरकार किसी व्यक्ति को अवैध प्रवासी घोषित नहीं करती, तबतक वह आधार देने से कैसे इनकार कर सकती है? असम हिमंत विश्व शर्मा और भाजपा शासन में एक कानूनविहीन राज्य बन गया है।’’
हालांकि आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा गया है कि एनआरसी को आधार कार्ड से जोड़ा गया है, लेकिन असम सरकार के इस कदम से व्यावहारिक रूप से नए आवेदकों के लिए विशिष्ट पहचान पत्र प्राप्त करने हेतु एनआरसी आवेदन को पूर्व शर्त बना दिया जाएगा।
भाषा
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