शुभेंदु के सहयोगी की हत्या मामले में उप्र व बिहार से तीन लोग गिरफ्तार
अविनाश
- 11 May 2026, 07:49 PM
- Updated: 07:49 PM
कोलकाता, 11 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल पुलिस ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के सिलसिले में सोमवार को उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया। जांचकर्ताओं ने टोल प्लाजा पर संदिग्धों में से एक द्वारा किए गए यूपीआई लेनदेन से मिले सुरागों के आधार पर उन्हें पकड़ा।
जांचकर्ताओं ने इस घटनाक्रम को "एक बड़ी सफलता" बताया।
एक अधिकारी ने बताया कि तीनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल लाकर उत्तर 24 परगना जिले की एक अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम इलाके में छह मई की रात को हुई हत्या की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तीनों आरोपियों को रविवार को हिरासत में लिया और आज सुबह उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारी ने "पीटीआई भाषा" को बताया, "यह एक बड़ी सफलता है। जांच से पता चला कि हमलावर पश्चिम बंगाल के बाहर के थे। तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और अन्य सूचनाओं के आधार पर एसआईटी के सदस्यों को उत्तर प्रदेश और बिहार भेजा गया। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाया गया है।"
उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं ने मामले में "डिजिटल सुराग और अंतरराज्यीय संबंधों" का पता लगाया है।
अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि हमलावरों द्वारा इस्तेमाल की गई संदिग्ध कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। उन्होंने कहा कि कार में सवार लोगों में से एक ने कथित तौर पर यूपीआई लेनदेन के माध्यम से टोल का भुगतान किया था।
पुलिस अधिकारी ने कहा, "इस डिजिटल भुगतान ने हमें एक मोबाइल नंबर तक पहुंचने में मदद की और एक संदिग्ध की पहचान स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। अंततः इसी सुराग से हमारी टीम आरोपी तक पहुंच गई।"
उन्होंने बताया कि एसआईटी के अधिकारी गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान का मिलान टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज और वाहन तथा उसमें सवार लोगों की तस्वीरों से कर रहे थे।
अधिकारी ने बताया, "तीनों को उत्तर 24 परगना जिले की बारासात अदालत में पेश किया गया और उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।"
उन्होंने बताया कि अदालत ने पुलिस को उन्हें 24 मई को पेश करने का आदेश दिया है।
उन्होंने बताया कि विशेष जांच दल ने आरोपियों की दो सप्ताह की पुलिस हिरासत की मांग की थी।
उन्होंने बताया कि तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, अवैध हथियार रखने, आपराधिक साजिश रचने और सबूतों को दबाने का आरोप लगाया गया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "दो आरोपियों (मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य) को बिहार के बक्सर से हिरासत में लिया गया, जबकि तीसरे आरोपी राज सिंह को बलिया (उत्तर प्रदेश) से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद तीनों को आज सुबह गिरफ्तार कर लिया गया।"
इससे पहले पुलिस ने विक्की मौर्य की पहचान गलती से विशाल श्रीवास्तव के रूप में की थी और यह भी दावा किया था कि तीनों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।
उन्होंने बताया कि हत्या की साजिश और उसे अंजाम देने में कम से कम आठ लोग शामिल थे।
उन्होंने कहा कि पुलिस का मानना है कि हमलावरों ने रथ को निशाना बनाने से पहले विस्तृत रेकी की थी।
अधिकारी ने कहा, "हत्या को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। हमलावरों ने अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाने के लिए कई उपाय किए थे। जांचकर्ता घटनाक्रम का पता लगाने के लिए डिजिटल फुटप्रिंट, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों पर काफी हद तक निर्भर हैं।"
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ जारी है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के दो दिन बाद ही चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
एसआईटी ने बताया कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश के लिए राज्य के कई हिस्सों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
भाषा
शुभम अविनाश
अविनाश
1105 1949 कोलकाता