केरल के मुख्यमंत्री का नाम तय, बृहस्पतिवार को होगी घोषणा
नरेश
- 13 May 2026, 08:16 PM
- Updated: 08:16 PM
नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) कांग्रेस ने 10 दिन के गहन मंथन के बाद केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला कर लिया है जिसकी घोषणा बृहस्पतिवार को की जाएगी।
पार्टी सूत्रों ने संकेत दिया है कि बृहस्पतिवार को तिरुवनंतपुरम विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है जिसके बाद नेता के नाम का ऐलान किया जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल के मुख्यमंत्री के चयन को लेकर बुधवार को अंतिम दौर की मंत्रणा की और खरगे के आवास '10 राजा जी मार्ग" पर दोनों नेताओं के बीच आधे घंटे से भी अधिक समय तक चर्चा हुई।
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस विधायक दल ने नेता चुनने के लिए नेतृत्व को अधिकृत किया था। आलाकमान ने चर्चा पूरी कर ली है और फैसले के बारे में कल घोषणा की जाएगी।"
संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पिछली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे वी.डी. सतीशन और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार हैं।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''कांग्रेस पार्टी नेता के चयन में सभी लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रियाओं का पालन करेगी।''
बीते चार मई को विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद से कांग्रेस में मंत्रणा के कई दौर चले। सात मई को विधायक दल की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस आलाकमान को अधिकृत किया गया था कि वह नए नेता का चयन करेगा।
कांग्रेस नेतृत्व ने आठ मई को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने केरल के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में वेणुगोपाल, चेन्निथला और सतीशन के अलावा केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के प्रमुख सनी जोसेफ और पार्टी की राज्य प्रभारी दीपा दासमुंशी भी बैठक में शामिल हुईं थीं।
इसके बाद 12 मई को राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों और मौजूदा तीन कार्यकारी अध्यक्षों के साथ अलग-अलग बैठक कर उनकी राय ली थी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों की राय लेने से सतीशन के समर्थकों की उम्मीदों को बल मिला। माना जाता है कि सतीशन को आईयूएमएल के साथ ही यूडीएफ कार्यकर्ताओं के एक बड़े हिस्से का समर्थन भी प्राप्त है।
सतीशन के समर्थकों का यह तर्क है कि यदि वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री का पद दिया जाता है, तो यूडीएफ को दो उपचुनावों का सामना करना पड़ेगा। वेणुगोपाल वर्तमान में अलप्पुझा से लोकसभा सदस्य हैं और मुख्यमंत्री बनने की स्थिति में उन्हें विधानसभा उपचुनाव जीतना होगा तथा फिर उनके इस्तीफे से रिक्त होने वाली लोकसभा सीट पर भी उपचुनाव होगा।
सतीशन के समर्थकों के अनुसार, राज्य में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में यह अत्यधिक जोखिम भरा होगा।
वेणुगोपाल के समर्थकों का दावा है कि कांग्रेस के संगठन महासचिव को अधिकतर निर्वाचित विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वह एक रणनीतिकार हैं जो उपचुनावों में यूडीएफ की जीत सुनिश्चित करने में सक्षम हैं। उनके समर्थकों का यह भी दावा है कि केरल के ज्यादातर कांग्रेस सांसद भी वेणुगोपाल का समर्थन करते हैं।
चेन्निथला के समर्थकों का कहना है कि वह सभी प्रमुख दावेदारों में सबसे वरिष्ठ नेता हैं तथा कठिन समय में भी पार्टी और नेहरू-गांधी परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे हैं।
केरल में हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने राज्य की कुल 140 सीट में से 102 पर जीत दर्ज की।
भाषा हक
हक नरेश
नरेश
1305 2016 दिल्ली