हमीरपुर पुल हादसा: जांच के लिए दो उच्चस्तरीय समितियां गठित, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
जितेंद्र
- 01 Jun 2026, 11:50 PM
- Updated: 11:50 PM
लखनऊ/हमीरपुर, एक जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक स्लैब गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने अलग-अलग उच्चस्तरीय जांच समितियां गठित कीं। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई।
बयान के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि जिला प्रशासन ने अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
उन्होंने बताया कि समिति घटना के प्रशासनिक, तकनीकी और प्रक्रियागत पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है तथा घटनास्थल का निरीक्षण व साक्ष्य संकलन शुरू कर दिया गया है।
अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने भी तीन सदस्यीय तकनीकी समिति का गठन किया है और यह समिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता, डिजाइन, संरचनात्मक मानकों, निर्माण सामग्री व सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन की समीक्षा करेगी।
उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर निर्माण सामग्री की प्रयोगशाला जांच भी कराई जाएगी।
जिलाधिकारी के अनुसार, हादसे के संबंध में कुरारा थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) (गैर-इरादतन हत्या) और धारा 125(ए) (लापरवाही से चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि जांच के निष्कर्षों और दोनों समितियों की रिपोर्ट के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले छह श्रमिकों के परिजनों को शासन की ओर से चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनी 'मेसर्स शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड' ने भी प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता प्रदान की।
श्रम विभाग की योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को 1.25 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है।
गोयल ने बताया कि प्रभावित परिवारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मृतक राजेश पाल की दो बेटियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 2,500 रुपये की सहायता दी जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा पात्र परिवारों को अंत्योदय राशन कार्ड, आवास, शौचालय और अन्य योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ा है और घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भाषा आनन्द जितेंद्र
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