नीट पुनर्परीक्षा: संसदीय समिति के समक्ष बुधवार को पेश होंगे मंत्रालय, एनटीए और एनएमसी के अधिकारी
पवनेश
- 09 Jun 2026, 04:24 PM
- Updated: 04:24 PM
नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के शीर्ष अधिकारी 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के संचालन के संबंध में बुधवार को एक संसदीय समिति को जानकारी देंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पुनर्परीक्षा के बारे में समिति को जानकारी देने के लिए उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सचिवों के साथ-साथ एनटीए और एनएमसी के शीर्ष अधिकारियों को भी तलब किया है।
यह तीसरी संसदीय समिति है जिसके समक्ष मंत्रालयों, एनटीए और एनएमसी के शीर्ष अधिकारी पेश हो रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारी, साथ ही एनटीए और एनएमसी के अधिकारी, पहले ही शिक्षा संबंधी संसदीय समितियों और सरकारी आश्वासन समिति के समक्ष पेश हो चुके हैं तथा इस बात से उन्हें अवगत कराया है कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा को कलम-कागज के जरिये कराने पर है।
सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद भी नीट-यूजी प्रश्न पत्र लीक मामले की जांच में हुई प्रगति और प्रश्न पत्र लीक के सभी दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए उठाये जा रहे कदम की जानकारी देने के लिए संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए हैं।
प्रश्न पत्र लीक की खबरों के बाद 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने के मद्देनजर 10 जून को अधिकारियों को तलब किया गया है।
परीक्षा रद्द होने के बाद कुछ छात्रों ने आत्महत्या की है, और नीट पुनर्परीक्षा को लेकर छात्रों में चिंता बढ़ती जा रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कामकाज पर विचार-विमर्श करने वाली संसदीय स्वास्थ्य समिति अब अधिकारियों से परीक्षा और उसके संचालन के संबंध में पूछताछ करेगी।
यह समिति स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय) के सचिव और उच्च शिक्षा विभाग (शिक्षा मंत्रालय) के सचिव के साथ-साथ एनएमसी और एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों के विचारों को 'राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग अधिनियम, 2019 के तहत नीट परीक्षाओं के संचालन' पर सुनेगा।
समिति के समक्ष उनकी पेशी 'स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से संबंधित नियामक संस्थानों की संगठनात्मक संरचना, अधिकार और कार्यात्मक दक्षता' से जुड़े विषय की विस्तृत समीक्षा के तहत हो रही है।
स्वास्थ्य संबंधी संसदीय समिति की बैठक 10 जून की दोपहर को संसदीय सौध में होगी।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय समिति ने एनटीए से पहले ही यह स्पष्ट करने को कहा है कि उसके अनुसार ''प्रश्न पत्र लीक'' की परिभाषा क्या है और क्या 2018 से आयोजित परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक की कोई घटना हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, एनटीए अधिकारियों की पिछले सप्ताह हुई पेशी के बाद समिति ने उनसे प्रश्न पूछे हैं। एनटीए अधिकारियों ने दावा किया था कि उनके पास से कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है, हालांकि एक गेस पेपर (संभावित प्रश्न पत्र) के कुछ प्रश्न ही प्रसारित हुए थे।
दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (ओएसएम) विवाद की जांच कर रही है। इसके लिए समिति ने एनटीए और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) समेत कई शीर्ष सरकारी अधिकारियों को तलब किया है।
समिति ने सीबीएसई और एनटीए से क्रमशः ओएसएम प्रणाली और नीट परीक्षा से संबंधित मुद्दों पर लिखित उत्तर मांगे हैं।
समिति ने एनटीए से पूछा है कि क्या उसने सीबीआई जांच के अलावा, नीट-यूजी 2024 के प्रश्नपत्र में अनियमितताओं के आरोपों की कोई जांच की है।
भाषा सुभाष पवनेश
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