अभ्यर्थी तैयारी पर ध्यान दें, त्रुटिरहित नीट-यूजी सुनिश्चित करने के उपाय किए गए: प्रधान
माधव
- 09 Jun 2026, 09:07 PM
- Updated: 09:07 PM
नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुन: परीक्षा का सुचारु और त्रुटिरहित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की अपील भी की।
प्रधान ने कहा कि सरकार इस बार प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उन्हें परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाने तक, हर पहलू पर अतिरिक्त सावधान बरत रही है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के मुख्यालय में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की तैयारियों का जायजा लेने के बाद प्रधान ने संवाददाताओं से कहा कि कैबिनेट सचिव के नेतृत्व में बैठकें आयोजित की गई हैं और सभी राज्यों से सहयोग करने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा, "एनटीए 21 जून को नीट-यूजी पुन: परीक्षा कराएगी। हमने इसकी तैयारियों की कई बार समीक्षा की है। मैंने तैयारियों का जायजा लेने के लिए आज एनटीए मुख्यालय का दौरा किया।"
प्रधान ने कहा, "हमने प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों पर समय पर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने तक, हर पहलू पर इस बार अतिरिक्त सावधानी बरती है।"
एनटीए ने मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के चलते 12 मई को रद्द कर दी थी।
पुन: परीक्षा 21 जून के लिए निर्धारित की गई है।
प्रधान ने कहा, "मैंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर सहयोग का अनुरोध किया है। पहले भी उनका समर्थन मिला था। मैंने उनसे इस बार और भी अधिक ध्यान देने का अनुरोध किया है।"
उन्होंने कहा कि कई राज्यों में पहले ही मुख्य सचिवों, महानिदेशकों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को शामिल करते हुए समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें एनटीए के महानिदेशक ने भी हिस्सा लिया।
प्रधान ने बिहार और महाराष्ट्र में हुई बैठकों का हवाला दिया, जिनमें से एक की अध्यक्षता देवेंद्र फडणवीस ने की थी। मंत्री ने कहा कि उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी इस मुद्दे पर चर्चा की।
प्रधान ने कहा कि केंद्रीय गृह सचिव के भी आने वाले दिनों में एक समीक्षा बैठक आयोजित करने की उम्मीद है और सभी संबंधित एजेंसियां अपनी सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्र ने पिछले महीने संयुक्त सचिव, निदेशक और उप निदेशक स्तर पर नये अधिकारियों को शामिल करके एनटीए को मजबूत किया है।
प्रधान ने कहा, "अनुभवी और नवनियुक्त दोनों अधिकारियों को विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कुछ रसद का प्रबंधन कर रहे हैं, कुछ छपाई की निगरानी कर रहे हैं, कुछ वायु सेना के साथ समन्वय कर रहे हैं, कुछ बैंकों के साथ, कुछ राज्यों के साथ, जबकि अन्य सॉफ्टवेयर सुरक्षा का सत्यापन कर रहे हैं।"
सूत्रों के मुताबिक, एनटीए 21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुन: परीक्षा के प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना की मदद लेने की योजना बना रही है, क्योंकि प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
प्रधान ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, गृह मंत्रालय और सीईआरटी-इन, आई4सी, आसूचना ब्यूरो (आईबी) तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियां साइबर सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा, "इन सभी साइबर सुरक्षा एजेंसियों को एक साथ लाया गया है और काम पर लगाया गया है।"
तैयारियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि प्रधान ने कहा कि पुनर्परीक्षा 551 शहरों में 5,435 केंद्रों के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिनमें भारत के बाहर के 14 केंद्र भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा, "सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। हमने इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लिया है। एनटीए पुन: परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न कराएगी।"
प्रधान ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अभ्यर्थी अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें और परीक्षा के संचालन के बारे में चिंता न करें।
उन्होंने कहा, "हमने पहले ही छात्रों को आश्वस्त किया था कि हम त्रुटिरहित परीक्षा आयोजित करेंगे और मैं उन्हें एक बार फिर आश्वस्त करना चाहता हूं। हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि परिणाम समय पर घोषित किए जाएं, ताकि छात्रों का बहुमूल्य समय बर्बाद न हो।"
प्रधान ने कहा, "मैं अभ्यर्थियों से कहना चाहता हूं कि अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। हम नीट-यूजी पुनः परीक्षा सुचारु रूप से और बिना किसी त्रुटि के आयोजित करेंगे। कृपया हमारे साथ सहयोग करें।"
वायु सेना के संभावित इस्तेमाल सहित सुरक्षा व्यवस्थाओं के सिलसिले में प्रधान ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार के शीर्ष स्तर पर नजर रखी जा रही है।
उन्होंने कहा, "चुनौतियां पहले भी थीं और अभी भी मौजूद हैं। लेकिन इस बार सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।"
प्रधान ने कहा, "मैंने गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस मुद्दे पर चर्चा की है। मैं आज शाम स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलूंगा। वित्त मंत्रालय भी इस मामले पर नजर रख रहा है। मुझे विश्वास है कि हम अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेंगे।"
उन्होंने कहा कि राज्यों से स्थानीय मौसम की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
तीन मई को आयोजित नीट-यूजी में कथित अनियमितताओं पर प्रधान ने कहा कि सीबीआई मामले की जांच कर रही है।
उन्होंने कहा, "सीबीआई इस बात की तह तक पहुंच रही है कि क्या गलत हुआ और कहां हुआ। मुझे सीबीआई पर पूरा भरोसा है।"
प्रधान ने कहा, "हमने जांच एजेंसी से अनुरोध किया है कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनकी आपराधिक जवाबदेही तय की जानी चाहिए, उनके खिलाफ मामले दर्ज होने चाहिए और उन्हें त्वरित अदालतों में जल्द सुनवाई का सामना करना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।"
प्रधान ने कहा कि एनटीए को संविदात्मक दायित्वों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ कानूनी उपायों का पता लगाने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा, "कुछ पक्षों ने हमारे साथ समझौते किए थे और प्रतिबद्धताएं जताई थीं, लेकिन उन्होंने उनका उल्लंघन किया और हमारा भरोसा तोड़ा। हमने एनटीए को कानूनी पहलुओं का पता लगाने और यह आंकने का निर्देश दिया है कि क्या उनके खिलाफ नागरिक दायित्व के मामले दर्ज किए जा सकते हैं। इस मामले पर कानूनी सलाह ली जा रही है।"
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तिगत रूप से इस मामले पर नजर रखने संबंधी खबरों का जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा, "जब सरकार के इतने सारे वरिष्ठ नेता इसमें शामिल होते हैं, तो इसका मतलब यह है कि प्रधानमंत्री खुद इस मामले को लेकर चिंतित हैं।"
शिक्षा मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री इन प्रशासनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से छात्रों को आश्वस्त करना चाहते हैं। छात्रों और अभिभावकों का भरोसा हमारे लिए महत्वपूर्ण है।"
उन्होंने भरोसा दिलाया, "पहले हुई गलतियां दोहराई नहीं जाएंगी। हम पुन: परीक्षा सुचारु रूप से आयोजित करेंगे।"
भाषा पारुल माधव
माधव
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