जयपुर के मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले की न्यायिक जांच कराई जाए : मुस्लिम संगठन
धीरज
- 09 Jun 2026, 10:27 PM
- Updated: 10:27 PM
(तस्वीरों के साथ)
जयपुर, नौ जून (भाषा) मुस्लिम संगठनों ने मंगलवार को जयपुर स्थित नूरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की और आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उस समय की गई जब स्थल से संबंधित कानूनी कार्यवाही सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष लंबित थी।
नूरानी मस्जिद प्रबंधन समिति, राजस्थान मुस्लिम फोरम और नागरिक समाज के सदस्यों द्वारा आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधायक अमीन कागजी और रफीक खान ने ध्वस्तीकरण को गंभीर चिंता का विषय बताया और विधिक प्रक्रिया व संवैधानिक प्रावधानों पर सवाल उठाए।
नेताओं ने दावा किया कि मस्जिद उस जमीन पर बनी थी, जिसे 1981 में खरीदा गया था। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद दशकों से इबादत तथा सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र रही है।
उनका आरोप है कि स्थल से संबंधित कानूनी और वैधानिक कार्यवाही विचाराधीन होने के बावजूद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
कागज़ी ने कहा, "किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षकारों को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए था।"
सोमवार को जगतपुरा स्थित नंदपुरी अंडरपास के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पांच धार्मिक स्थल को ध्वस्त कर दिया गया जिनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक मजार शामिल हैं।
मस्जिद प्रबंधन समिति के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि मस्जिद राजस्थान वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है और संपत्ति की स्थिति से संबंधित अभिलेख मौजूद हैं।
उन्होंने ध्वस्तीकरण प्रक्रिया की न्यायिक जांच की मांग की और निर्णय लेने में शामिल अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही।
संगठनों ने नागरिकों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने की अपील की और कहा कि लोग शुक्रवार की नमाज के दौरान नूरानी मस्जिद और ध्वस्तीकरण से प्रभावित लोगों के लिए न्याय की मांग करते हुए काली पट्टी बांधेंगे।
एक अलग बयान में राजस्थान मुस्लिम अलायंस के अध्यक्ष मोहसिन रशीद ने दावा किया कि ध्वस्तीकरण से अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों में आशंकाएं पैदा हुई हैं।
उन्होंने कहा, "यह ध्वस्तीकरण अल्पसंख्यकों के लिए चिंताजनक संदेश लेकर आया है। हमें आशंका है कि अन्य धार्मिक संरचनाओं पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है। मस्जिद समितियों को चाहिए कि वे सभी दस्तावेज व्यवस्थित रखें और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी उपाय अपनाने के लिए तैयार रहें।"
प्रतिनिधियों ने कहा, "हम उन सभी के साथ एकजुटता व्यक्त करते हैं जिनके विधिसम्मत बने घरों और धार्मिक स्थलों को बिना उचित सुनवाई के ध्वस्त कर दिया गया। हम उनके लिए भी न्याय की मांग करते हैं।"
जयपुर विकास प्राधिकरण ने कहा है कि ध्वस्तीकरण सड़क परियोजना को क्रियान्वित करने में बाधा बनने वाली संरचनाओं को हटाने के लिए चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान का हिस्सा था।
भाषा बाकोलिया
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