पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा की जमानत अर्जी खारिज
नेत्रपाल
- 17 Jun 2026, 04:42 PM
- Updated: 04:42 PM
गुरुग्राम, 17 जून (भाषा) हरियाणा की एक विशेष अदालत ने पिछले महीने गिरफ्तार किए गए पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरोड़ा (62) को उनसे जुड़ी कुछ कंपनियों से संबंधित 100 करोड़ रुपये की कथित जीएसटी धोखाधड़ी और धन शोधन मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था।
अरोड़ा को चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित उनके सरकारी आवास पर ईडी की छापेमारी के बाद नौ मई को हिरासत में लिया गया था।
गुरुग्राम स्थित विशेष पीएमएलए अदालत ने 15 जून को पारित आदेश में कहा कि उसकी राय में याचिकाकर्ता इस चरण पर जमानत का हकदार नहीं है, क्योंकि वह सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर सकता है।
ईडी ने दलील दी कि अरोड़ा को इस चरण पर जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
अदालत ने कहा, ''बहस के दौरान ईडी के वकील ने कहा कि जांच जारी है और अगर इस चरण पर जमानत दी जाती है, तो याचिकाकर्ता सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की पूरी कोशिश करेगा।''
जांच के दौरान हुई एक घटना का जिक्र करते हुए ईडी के वकील ने बताया कि पता चला है कि एक व्यक्ति, जिसका बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा-50 के तहत दर्ज किया गया था, उसे एक वकील के दफ्तर ले जाया गया, ताकि वह अपना बयान वापस लेने के लिए अर्जी तैयार करवा सके।
ईडी के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता से जुड़े दो लोगों ने उस व्यक्ति को गूगलपे के जरिये वकील का 35,000 रुपये का शुल्क भी अंतरित किया।
वकील ने कहा, ''हालांकि, एक अन्य वकील से कानूनी सलाह लेने के बाद संबंधित अर्जी इस अदालत में दाखिल नहीं की गई।''
अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी ने उसके सामने 35,000 रुपये की रसीद के स्क्रीनशॉट पेश किए हैं। अदालत ने जांच अधिकारी की ओर से तैयार की गई केस डायरी पर भी गौर किया।
उसने अरोड़ा की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा, ''सबूतों पर विचार करने के बाद अदालत का मानना है कि याचिकाकर्ता इस चरण में जमानत का हकदार नहीं है, क्योंकि वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश कर सकता है। वह कंपनी के कामकाज, कथित लेन-देन और सौदों की जानकारी रखने वाले लोगों को अच्छी तरह से जानता है। जैसा कि रिकॉर्ड पर रखे गए तथ्यों से स्पष्ट है, आज भी उसका परिवार और अन्य परिचित लोग ऐसी कोशिशें कर रहे हैं।''
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार में अरोड़ा के पास ऊर्जा, उद्योग और वित्त विभाग का कार्यभार था। उनकी गिरफ्तारी के बाद मान ने इन विभागों का प्रभार अन्य मंत्रियों को सौंप दिया है।
भाषा पारुल नेत्रपाल
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