रुपया छह पैसे की बढ़त के साथ 94.34 प्रति डॉलर पर
रमण
- 19 Jun 2026, 04:24 PM
- Updated: 04:24 PM
मुंबई, 19 जून (भाषा) रुपया शुक्रवार को शुरुआती बढ़त खोते हुए अंत में छह पैसे मजबूत होकर 94.34 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। डॉलर में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि रुपया शुरुआत में सकारात्मक रुख के साथ खुला था। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में तेजी आने की उम्मीद के बीच घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी-ईरान शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता के बीच बाजार धारणा कमजोर हो गई।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर खुला। कारोबार के दौरान 94.20 से 94.52 प्रति डॉलर के दायरे में रहा। अंततः यह 94.34 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की बढ़त है।
रुपया बृहस्पतिवार को 10 पैसे मजबूत होकर 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसंधान विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, '' रुपया एशिया के अन्य प्रमुख देशों की मुद्राओं के बीच बेहतर बना हुआ है, जिसे पूंजी प्रवाह में तेजी एवं कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बल मिला है। जोखिम-उन्मुख धारणा के फिर से हावी होने के साथ, हमारा मानना है कि डॉलर प्रवाह के आधार पर स्थानीय रुपया 94 के स्तर की ओर बढ़ेगा। डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 94.90 से 94.10 के बीच रह सकता है।''
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 100.76 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 607.08 अंक की गिरावट के साथ 76,802.90 अंक पर जबकि निफ्टी 154.90 अंक टूटकर 24,013.10 अंक पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79.33 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 1,025.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
गौरतलब है कि भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बृहस्पतिवार को कहा कि व्यापार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच चर्चा का एक प्रमुख विषय रहा। दोनों नेताओं ने अपने-अपने वार्ताकारों को प्रस्तावित व्यापार समझौते को यथाशीघ्र अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है।
वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने स्विट्जरलैंड की अपनी यात्रा स्थगित कर दी है जहां ईरानी वार्ताकारों के साथ बातचीत होनी थी। इसके लिए 'लॉजिस्टिक समस्याओं' का हवाला दिया गया है।
भाषा निहारिका रमण
रमण
1906 1624 मुंबई