विजयन ने सतीशन पर विड़िण्गम बंदरगाह परियोजना में हिस्सेदारी के अंतरण पर अस्पष्टता का आरोप लगाया
खारी
- 15 Jul 2026, 08:19 PM
- Updated: 08:19 PM
तिरुवनंतपुरम, 15 जुलाई (भाषा) केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने बुधवार को राज्य सरकार पर विड़िण्गम बंदरगाह परियोजना में हिस्सेदारी के प्रस्तावित अंतरण को लेकर ''अस्पष्ट'' रुख अपनाने का आरोप लगाया।
विजयन ने कहा कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की चिंताओं का तथ्यात्मक जवाब देने में नाकाम रहे हैं।
मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा कि सतीशन ने 'अदाणी विड़िण्गम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा हिस्सेदारी के प्रस्तावित अंतरण से जुड़े मुद्दों पर बात करने के बजाय 'बेबुनियाद आरोप' लगाए हैं।
यह चिट्ठी ऐसे समय में लिखी गयी है, जब सतीशन ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का यह आरोप खारिज कर दिया कि विड़िण्गम परियोजना में 'मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी' को 49 प्रतिशत हिस्सेदारी सौंपने का प्रस्ताव एक ''बड़े सौदे'' का हिस्सा है।
विजयन ने कहा, ''मुख्यमंत्री को यह नहीं भूलना चाहिए कि रियायती करार के तहत, अदाणी समूह को सिर्फ विड़िण्गम परियोजना को संचालित करने और उसके रखरखाव का अधिकार है, जबकि बंदरगाह पूरी तरह से केरल सरकार की मिल्कियत है।''
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री यह कहकर मामले से बचने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार रियायत प्राप्त करने वाली कंपनी में शेयरधारक नहीं है।
उन्होंने उनसे अपील की कि वह स्पष्ट करें कि राज्य बंदरगाह की रक्षा करेगा और इसे कॉरपोरेट हितों के हवाले नहीं करेगा।
वर्ष 2025 में एलडीएफ सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए विड़िण्गम सम्मेलन की सतीशन द्वारा आलोचना किये जाने को खारिज करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि इस आयोजन को प्रस्तावित हिस्सेदारी अंतरण से जोड़ना एक ''दुर्भावनापूर्ण आरोप'' है।
उन्होंने कहा, ''विड़िण्गम सम्मेलन बंदरगाह की कामकाज की क्षमता और औद्योगिक विकास पर चर्चा करने का एक मंच था। एलडीएफ सरकार के कार्यकाल के दौरान अदाणी समूह के प्रस्तावित हिस्सेदारी अंतरण पर कोई चर्चा नहीं हुई। बंदरगाह विभाग की फाइल इसे स्पष्ट कर देंगी।''
विपक्ष के नेता ने कहा, ''इन तथ्यों के बावजूद मुख्यमंत्री का अटकलें और अफवाहें फैलाना शोभा नहीं देता।''
रियायत समझौते की धारा 5.9 का हवाला देते हुए विजयन ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित अंतरण अनुबंध का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा, ''विड़िण्गम में हिस्सेदारी किसी ऐसी कंपनी को देने पर कानूनी रोक है, जिसकी 250 किलोमीटर के दायरे में किसी दूसरे बंदरगाह में इक्विटी हिस्सेदारी हो। अदाणी समूह का एमएससी को शामिल करने का कदम समझौते का उल्लंघन है क्योंकि एमएससी के पास तूतीकोरिन बंदरगाह का पूरा मालिकाना हक है।''
उन्होंने इस मामले को संभालने के सरकार के तौर-तरीके पर सवाल उठाए।
भाषा
राजकुमार खारी
खारी
1507 2019 तिरुवनंतपुरम