भाजपा ने दल-बदल कराने का आरोप खारिज किया, कहा: अपने कर्मों से बिखर रहा 'इंडिया' गठबंधन
संतोष
- 17 Jul 2026, 12:36 AM
- Updated: 12:36 AM
नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्षी दलों को तोड़ने का आरोप लगाने के लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि ''तथाकथित'' 'इंडिया' (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन अपने ''कर्मों और नेतृत्व की अक्षमता'' के कारण खुद ही बिखर रहा है।
इससे पहले, कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया था कि गृह मंत्री ने ''पार्टियों को तोड़ा'' है और वह ''चालाकी'' से संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। रमेश ने कहा कि ऐसा करना संविधान का अपमान होगा और इस तरह हासिल किया गया बहुमत ''लोकतंत्र पर धब्बा'' होगा।
इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि विपक्ष का ''तथाकथित'' 'इंडिया' गठबंधन ''अंतर्विरोधों, हताशा और सत्ता की लालसा'' से बनाया गया था।
राज्यसभा सदस्य त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति ''हताशा और ईर्ष्या'' के कारण भी यह गठबंधन बनाया था।
उन्होंने कहा कि ''तथाकथित इंडिया गठबंधन'' अपने कर्मों और नेतृत्व की अक्षमता के कारण खुद ही बिखरता दिखाई दे रहा है।
रमेश पर निशाना साधते हुए त्रिवेदी ने पूछा, ''क्या 'इंडिया' गठबंधन का वास्तव में कोई अस्तित्व है? क्या आपने लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को लिखित रूप में बताया है कि कौन-कौन से दल 'इंडिया' गठबंधन के सदस्य हैं और क्या आपने इसकी पुष्टि की है कि उन सभी ने मिलकर किसी व्यक्ति को अपना नेता चुना है?''
उन्होंने कहा, ''अगर ऐसा कुछ है ही नहीं, तो जिस चीज का वास्तव में कोई अस्तित्व नहीं है, उसके बिखरने का दोष दूसरों पर लगाकर अपनी विफलताओं को छिपाने की निरर्थक कोशिश न करें। मेरा मानना है कि कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए।''
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि 'इंडिया' गठबंधन में शामिल दल और उनके नेता एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करते।
भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने रमेश के आरोप को ''पूरी तरह गलत'' बताते हुए कहा कि दल-बदल रोधी कानून के दायरे में हुए सभी राजनीतिक बदलाव कानूनी हैं।
सिन्हा ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''वे विपक्ष से अलग होकर भाजपा के साथ जुड़ना चाहते हैं। लेकिन ऐसा करते समय हमने यह सुनिश्चित किया है कि दल-बदल रोधी कानून के सभी प्रावधानों का पालन हो और उनका सम्मान किया जाए।''
उन्होंने कहा, ''अगर दल-बदल रोधी कानून के प्रावधानों का पालन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के 22 सदस्य अलग होकर कोई नयी पार्टी बनाते हैं या किसी दूसरी पार्टी के साथ जुड़ जाते हैं, अथवा उद्धव ठाकरे की पार्टी विभाजित होकर किसी अन्य पार्टी में मिल जाती है तो इसमें हमारी क्या गलती है? यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।''
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एक समय कांग्रेस के पास संख्या बल था, लेकिन आज भाजपा के पास संख्या बल है।
उन्होंने कहा, ''यह कहना पूरी तरह हास्यास्पद है कि हमने यह संख्या गैर-कानूनी तरीके से जुटाई है। यह कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है।''
परिसीमन के प्रति कांग्रेस के विरोध को खारिज करते हुए सिन्हा ने आरोप लगाया कि पार्टी को डर है कि इस प्रक्रिया से राजनीतिक परिवारों का दबदबा कमजोर हो जाएगा।
उन्होंने कहा, ''जयराम रमेश कहते हैं कि वे परिसीमन का पुरजोर विरोध करेंगे। यह कांग्रेस पार्टी की विशेषाधिकार वाली मानसिकता को दर्शाता है। वे युवा-विरोधी और महिला-विरोधी हैं।''
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया काफी समय से लंबित है और इससे राजनीति में नए लोगों के लिए अवसर पैदा होंगे।
भाषा सिम्मी संतोष
संतोष
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