विशाल ददलानी, पार्वती थिरुवोथु समेत कई हस्तियों ने वांगचुक को अस्पताल ले जाने के तरीके की आलोचना की
प्रशांत
- 18 Jul 2026, 07:32 PM
- Updated: 07:32 PM
(तस्वीरों के साथ जारी)
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) गायक विशाल ददलानी और अभिनेत्री पार्वती थिरुवोथु ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को प्रदर्शनस्थल से अस्पताल ले जाए जाने के तरीके पर निराशा जताई है।
वांगचुक को शनिवार तड़के जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की थी।
ददलानी ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि वह नि:शब्द हैं।
उन्होंने कहा, ''क्या आपने कभी ऐसा कुछ देखा है? सोनम वांगचुक को जबरन ले जाया गया। ये लोग इस देश को बर्बाद कर रहे हैं।... मेरा मन बहुत दुखी है।''
उन्होंने कहा, ''मेरे देश के लोगों, आप कब जागेंगे? अगर आप अब नहीं जागे तो कब जागेंगे? मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या कहूं या क्या सोचूं। काश, मैं वहां होता और किसी तरह उनकी मदद कर पाता।''
थिरुवोथु ने इस कार्रवाई को ''हमारे अधिकारों का अपहरण'' बताया।
उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, ''हमारी आवाजों का अपहरण। जब रक्षक ही उत्पीड़क बन जाएं तो हमें उन्हें याद दिलाना चाहिए कि हम अपने भारत को बेईमान और झूठे लोगों के हाथों कभी नहीं चलने देंगे। जंतर-मंतर और देशभर में मौजूद बहादुर नागरिकों के प्रति एकजुटता और समर्थन।''
जीनत अमान, अनुराग कश्यप, सोनी राजदान, सोनाक्षी सिन्हा और अभय देओल के बाद अभिनेता ऋतिक रोशन भी वांगचुक तथा प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करने वाली फिल्मी हस्तियों में शामिल हो गए हैं।
रोशन ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में कहा कि वह छात्रों को लेकर वांगचुक की चिंता से सहमत हैं।
उन्होंने शुक्रवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर वांगचुक का एक वीडियो साझा किया। वीडियो में वांगचुक छात्रों और प्रश्नपत्र लीक होने के बाद उनमें से 20 छात्रों की मौत के बारे में बात कर रहे हैं।
फिल्म 'सुपर 30' में गणितज्ञ और शिक्षाविद् आनंद कुमार की भूमिका निभाने वाले रोशन ने कहा कि वह वांगचुक की बात से सहमत हैं।
अभिनेता ने लिखा, ''यह बात सही लगती है। अपनी एक फिल्म में शिक्षक की भूमिका निभाते समय मुझे यह समझ आया था कि छात्रों को किस तरह की मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है।''
भाषा
सिम्मी प्रशांत
प्रशांत
1807 1932 दिल्ली