सरकार से बातचीत के लिए तैयार, जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर मिलें प्रतिनिधि : कॉजपा
रंजन
- 22 Jul 2026, 07:26 PM
- Updated: 07:26 PM
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने बुधवार को कहा कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों का समाधान निकालने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है, हालांकि, यह बातचीत किसी मंत्री के आवास के बजाय एक तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए।
कॉजपा प्रवक्ता सौरव दास ने जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस ने बुधवार सुबह संगठन को सूचित किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा बातचीत करना चाहते हैं और उन्होंने उन्हें (कॉजपा के प्रतिनिधियों) अपने आवास पर आमंत्रित किया है।
दास ने कहा, "हमने किसी के आवास या कार्यालय जाने से इनकार कर दिया है। जनता की अदालत यहीं है। मंत्रियों को जनता के बीच आना चाहिए। अगर वे बातचीत करना चाहते हैं, तो बातचीत जंतर-मंतर पर होनी चाहिए।"
हालांकि, उन्होंने कहा कि संगठन बातचीत के लिए तैयार है और अगर (जंतर-मंतर पर) सुरक्षा से जुड़ी कोई चिंता है, तो प्रदर्शन स्थल के पास किसी तटस्थ स्थान पर भी विचार किया जा सकता है।
दास ने कहा, "हम पढ़े-लिखे लोग हैं। अगर जंतर-मंतर पर सुरक्षा से जुड़ी कोई चिंता है, तो हम पास के ही किसी तटस्थ स्थान पर मिल सकते हैं। हमने हमेशा कहा है कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं। अगर बातचीत से मुद्दा हल हो जाए, तो अच्छा होगा।"
उन्होंने कहा कि संगठन के पास "बेमतलब की चर्चाओं" के लिए कोई समय नहीं है और सरकार की मंशा वास्तव में प्रदर्शनकारियों की मांगों को पूरा करने की होनी चाहिए।
दास ने कहा, "यह जरूरी है कि सरकार की मंशा हमारी मांगों को स्वीकार करने की हो। समय बहुत कीमती है... हजारों लोग अब भी जंतर-मंतर पर मौजूद हैं और विरोध-प्रदर्शन जारी है।"
दास ने कॉजपा की प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजन के लिए एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे के अलावा यह भी चाहता है कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी वापस ली जाए।
कॉजपा प्रवक्ता ने कहा, "हम सरकार से इस बात की लिखित/आधिकारिक गारंटी भी मांगेंगे कि आंदोलन से जुड़े किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई नयी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी और न ही कोई दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।"
दास ने कहा कि यह आंदोलन दिल्ली से बाहर भी फैल गया है और देश के कई हिस्सों, जैसे कि गोवा, मुंबई और जयपुर में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने इसे एक "स्वाभाविक रूप से उभरा" राष्ट्रव्यापी आंदोलन करार दिया।
परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर 20 जून को कॉजपा के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन शुरू हुए थे।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून को विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए थे और 25 दिन से अनशन पर हैं।
वांगचुक ने कहा है कि अगर सरकार भरोसा दिलाती है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और आंदोलन की प्रमुख मांगों पर ध्यान दिया जाएगा, तो वह अपना अनशन खत्म करने के लिए तैयार हैं।
भाषा पारुल रंजन
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