बंगाल में वसूली की संस्कृति खत्म करने में अभी सफल नहीं हुई भाजपा: समिक भट्टाचार्य
माधव
- 01 Aug 2026, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
कोलकाता, एक अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पार्टी के एक वर्ग में मौजूद कमियों को शनिवार को माना और स्वीकार किया में राज्य में सत्ता हासिल करने के बावजूद पार्टी अभी तक वसूली की संस्कृति को पूरी तरह खत्म करने में सफल नहीं हो पाई है।
विपक्षी नेताओं पर अंडे फेंकने की बढ़ती घटनाओं का उल्लेख करते हुए भट्टाचार्य ने पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और हाल में शामिल हुए नेताओं को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी। उन्होंने 'नए सनातनियों' को आगाह करते हुए कहा कि उनके "इलाज" की दिशा जल्द बदल सकती है और इसके जिम्मेदार लोगों की ओर ही अंडे का निशाना लगना शुरू हो सकता है।
कोलकाता के बाहरी इलाके राजारहाट स्थित आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क में आयोजित 'उद्यमी समागम' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि अगर उनकी पार्टी कारोबार क्षेत्र को दलीय राजनीति से दूर रखने में विफल रहती है, तो "बंगाल से पूंजी के पलायन की प्रवृत्ति" को उलटना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
उन्होंने कहा, ''हमारी सरकार को सत्ता में आए अभी केवल दो महीने हुए हैं। हम सभी समस्याओं का समाधान नहीं कर पाए हैं। अगर मैं अपनी पार्टी की ओर से यह दावा करूं कि हमने हर जगह से वसूली की संस्कृति खत्म कर दी है तो यह गलत होगा। कुछ विचलन हैं। लोग सिंडिकेट के जरिए आसानी से पैसा कमाने वाली व्यवस्था के आदी हो गए थे। राज्य की सत्ता बदलने से सब कुछ तुरंत नहीं बदल गया।"
भट्टाचार्य ने कहा कि कुछ लोग सत्ता में आने के चार घंटे के भीतर ही पार्टी में शामिल हो गए, जबकि कुछ लोगों की दबी हुई इच्छाएं अब सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर ऐसी प्रवृत्तियों पर नियंत्रण करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ''हमारे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी ऐसी प्रवृत्तियों पर सख्ती से रोक लगाने की कोशिश कर रहे हैं।''
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ता शिक्षा, स्वास्थ्य और कारोबार समेत सभी क्षेत्रों में राजनीतिक झंडे के साथ प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कारोबार व्यवस्था को दलीय राजनीति से मुक्त करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि बंगाल अपने औद्योगिक अतीत की समस्याओं से बाहर निकलने के मुहाने पर है।
उन्होंने कहा, "हमें इस व्यवस्था से दलीय राजनीति को दूर रखना होगा। पश्चिम बंगाल एक राजनीतिक समाज बन गया है। हमें इससे मुक्ति चाहिए। जब तक बंगाल जीवन के हर क्षेत्र में राजनीति के हस्तक्षेप की संस्कृति से बाहर नहीं निकलता, तब तक कोई भी सरकार प्रभावी बदलाव नहीं ला सकती और निवेश आकर्षित नहीं कर सकती।"
उन्होंने कहा, "हम पश्चिम बंगाल के लिए सरकार बनाने का ईमानदार प्रयास कर रहे हैं, न कि केवल भाजपा की सरकार।"
भट्टाचार्य ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में पार्टी को आंशिक सफलता मिली है।
उन्होंने कहा, "हम आपको त्रुटिहीन माहौल नहीं दे पाए हैं, लेकिन बड़े स्तर पर हमने ऐसा निवेश माहौल जरूर बनाया है जिसमें डर नहीं है। कंपनी स्थापित करने के लिए अब आप अपनी ईंट, सीमेंट और बालू खरीद सकते हैं। अगर कोई आपके पास आता है तो फोन उठाइए। या तो वह आपकी जगह छोड़ देगा या फिर खुद को हवालात में पाएगा।"
उन्होंने कहा, "आज जो अनचाहा अंडा-इलाज दिखाई दे रहा है, वह पलट भी सकता है और दूसरी दिशा में जाने लग सकता है। मेरी पार्टी समेत सभी लोगों को यह समझना चाहिए। जिन सनातनी को अचानक हमारी पार्टी में जगह मिली है और प्रभाव व लाभ पाने की आकांक्षा रखते हैं, उन्हें भी सावधान रहना चाहिए क्योंकि इन अंडों की दिशा किसी भी समय बदल सकती है।"
भट्टाचार्य ने शहरी भूमि सीमा कानून को खत्म करने के शुभेंदु अधिकारी सरकार के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य विकास योग्य भूमि उपलब्ध कराना और बड़े पैमाने पर औद्योगिक व रियल एस्टेट निवेश आकर्षित करना है।
उन्होंने बताया, ''नयी औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने से पहले राज्य सरकार अगले कुछ हफ्तों में निवेशकों, स्टार्टअप स्थापित करने वालों, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और उद्योगपतियों के साथ बैठक करेगी।''
भाषा अमित माधव
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