उप्र: पुलिस महानिदेशक ने 'सप्ताहांत प्रशिक्षण लक्ष्य' लागू करने के निर्देश दिए
संतोष
- 01 Aug 2026, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
लखनऊ, एक अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने पुलिसबल में नियमित प्रशिक्षण, क्षमता संवर्धन एवं कौशल उन्नयन को और अधिक संस्थागत, परिणामोन्मुख एवं सतत बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक सप्ताह "वीकेंड ट्रेनिंग टारगेट" (सप्ताहांत प्रशिक्षण लक्ष्य) लागू करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस मुख्यालय से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।
इस अभिनव पहल के प्रथम चरण में इस सप्ताह "अग्नि सुरक्षा" विषयक लगभग 48 मिनट का आनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम चयनित किया गया है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आग से संबंधित सुरक्षा उपायों, आग लगने के कारणों तथा आग से निपटने की प्रभावी विधियों को समझाया गया है।
डीजीपी ने समस्त विभागाध्यक्षों एवं कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ समस्त पुलिसकर्मियों द्वारा यह प्रशिक्षण शनिवार एवं रविवार के दौरान पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
इसकी प्रगति की समीक्षा आगामी सोमवार को की जाएगी। बयान में कहा गया है कि यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुलिसबल की व्यावसायिक दक्षता, क्षमता निर्माण व सुशासन आधारित आधुनिक पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के दृष्टिकोण के अनुरूप प्रारंभ की गई है।
इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित क्षमता निर्माण इकाई (सीबीयू) द्वारा भारत सरकार के कर्मयोगी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रत्येक पुलिसकर्मी को नवीनतम विधिक, तकनीकी, प्रबंधकीय एवं व्यावसायिक दक्षताओं से निरंतर अद्यतन रखते हुए एक सक्षम, दक्ष, उत्तरदायी एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार पुलिस बल का निर्माण करना है।
डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक सप्ताह आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर उपलब्ध उपयोगी एवं विषय-विशेष आधारित ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का चयन किया जाए।
चयनित पाठ्यक्रमों को प्रत्येक सप्ताह "लक्ष्य" के रूप में समस्त पुलिसकर्मियों द्वारा (नियमित ड्यूटी को प्रभावित किए बिना) सप्ताहांत में शनिवार एवं रविवार के दौरान पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक सोमवार सप्ताहांत में सम्पन्न प्रशिक्षण की प्रगति, सहभागिता एवं अनुपालन की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रशिक्षण व्यवस्था केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसकी प्रभावशीलता का आकलन मापनीय परिणामों के आधार पर किया जाएगा।
भाषा आनन्द संतोष
संतोष
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