माध्यमिक परीक्षा पास करने वाले कई छात्र ठीक से पढ़ना-लिखना तक नहीं जानते : केरल के मंत्री
रवि कांत रवि कांत नरेश
- 30 Jun 2024, 10:18 PM
- Updated: 10:18 PM
अलप्पुझा (केरल), 30 जून (भाषा) केरल के मत्स्य पालन मंत्री साजी चेरियन ने राज्य की शिक्षा प्रणाली पर आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘सेकेंडरी स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन’ (एसएसएलसी) परीक्षा पास करने वाले कई छात्र ठीक से पढ़ना-लिखना तक नहीं जानते हैं।
चेरियन की इस टिप्पणी पर विवाद होने के बाद राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने इसे सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि यह टिप्पणी तथ्यात्मक नहीं है।
मत्स्य पालन मंत्री ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब राज्य सरकार अपनी शिक्षा प्रणाली के मानकों का गुणगान कर रही है।
उन्होंने कहा कि पहले न्यूनतम उत्तीर्ण अंक 210 प्राप्त करना कठिन था, लेकिन अब हर कोई परीक्षा पास कर रहा है।
उन्होंने शनिवार को अलप्पुझा में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘लेकिन इन छात्रों का एक बड़ा हिस्सा ठीक से पढ़ना-लिखना नहीं जानता।’’
मंत्री ने कहा कि यदि कोई परीक्षा में असफल होता है तो इसे राज्य सरकार की विफलता के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एसएसएलसी परीक्षाओं के मूल्यांकन में सरकार का उदार होना अच्छी बात है।
चेरियन ने कहा कि मौजूदा सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि माध्यमिक परीक्षा के मूल्यांकन में उदारता बरतने का चलन सही नहीं है, और वह इसमें बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं।
शिवनकुट्टी ने रविवार को एक बयान में कहा कि केरल देश में सबसे अच्छे तरीके से पूर्व-प्राथमिक, प्राथमिक, उच्च-प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा प्रदान करने वाला राज्य है।
शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘ केरल शैक्षणिक उत्कृष्टता पर कोई समझौता नहीं करेगा। स्कूली शिक्षा के मामले में केंद्र के विकास सूचकांक में केरल अभी भी पहले स्थान पर है।’’
शिवनकुट्टी ने कहा कि मंत्री चेरियन की कुछ टिप्पणियों को लेकर विवाद पैदा हो गया है।
शिवनकुट्टी ने कहा, ‘‘यदि आप पूरा भाषण सुनें तो यह स्पष्ट है कि उन्होंने सार्वजनिक शिक्षा क्षेत्र को उच्च स्तर पर ले जाने के लिए अपनी राय व्यक्त की है।’’
पिछले महीने शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के परिणाम घोषित किए गए थे। इसमें दसवीं कक्षा की परीक्षा में विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 99.69 था।
अधिकारियों ने बताया कि इस बार कुल 4,25,563 विद्यार्थी परीक्षा में सफल हुए और उत्तीर्ण प्रतिशत 99.69 रहा।
भाषा
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