अन्नाद्रमुक के दोनों गुट अपने रुख पर अडिग, पलानीस्वामी ने आम परिषद की बैठक बुलाने की मांग नहीं मानी
पारुल
- 19 May 2026, 07:59 PM
- Updated: 07:59 PM
चेन्नई, 19 मई (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ईके पलानीस्वामी ने मंगलवार को पार्टी में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक की, लेकिन उनके नेतृत्व को चुनौती देने वाला बागी गुट झुकने को तैयार नहीं हुआ।
एक दिन पहले ही पलानीस्वामी ने बागियों को विभिन्न मुद्दों को सुलझाने के लिए आगे आने और बातचीत करने का प्रस्ताव दिया था। पलानीस्वामी ने पार्टी मुख्यालय में करीबी नेताओं के साथ लगभग दो घंटे लंबी बैठक की, लेकिन उन्होंने आम परिषद बुलाने की बागियों की मांग को स्वीकार नहीं किया।
वरिष्ठ नेताओं सीवी षणमुगम और एसपी वेलुमणि के नेतृत्व वाले बागी गुट के किसी भी सदस्य ने पलानीस्वामी से हाथ मिलाने के निमंत्रण पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी।
पलानीस्वामी की ओर से आयोजित बैठक से बाहर निकलने के बाद वरिष्ठ नेता ओएस मनियन ने कहा कि "रचनात्मक चर्चा" हुई, लेकिन आम परिषद बुलाने के बारे में कोई विचार नहीं हुआ।
पलानीस्वामी के करीबी नेता बीवी रमण ने बताया कि लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में करीब 80 जिला सचिव शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पलानीस्वामी के साथ मजबूती से खड़े हैं और पार्टी आने वाले दिनों में जीत हासिल करने की रणनीति बनाएगी।
रमण ने संवाददाताओं से कहा, ''बैठक में 80 से अधिक जिला सचिवों ने हिस्सा लिया। कुछ सचिव समय पर पार्टी मुख्यालय नहीं पहुंच पाने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।''
मणियन ने कहा कि बैठक में विजयभास्कर के उस दावे पर चर्चा नहीं हुई, जिसमें उन्होंने चुनाव में मिली हार पर चर्चा करने और ''उचित निर्णय'' लेने के लिए आम परिषद की बैठक बुलाने के संबंध में 1,000 पार्टी सदस्यों के हस्ताक्षर प्राप्त करने की बात कही थी।
इस बीच, षणमुगम ने संवाददाताओं से बात करते हुए पलानीस्वामी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक ओर पलानीस्वामी असंतुष्ट नेताओं को बातचीत के लिए बुला रहे हैं, दूसरी ओर वह 31 जिला सचिवों को उनके पदों से हटा रहे हैं।
षणमुगम, वेलुमणि और विजयभास्कर उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें पार्टी के विभिन्न पदों से हटा दिया गया है।
षणमुगम ने कहा कि वह और उनके समर्थक बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अपनी राय जाहिर करने पर उन्हें "देशद्रोही" करार दिया जाना स्वीकार्य नहीं है।
यह बैठक तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार को समर्थन देने वाले बागी गुट की आम परिषद की बैठक बुलाने की मांग की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई।
एक अन्य वरिष्ठ नेता वीवी राजन चेल्लप्पा ने कहा कि अन्नाद्रमुक ने पलानीस्वामी के नेतृत्व में अटूट समर्पण के साथ एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया है। चेल्लप्पा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हम अपने महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री के हाथ मजबूत करने के वास्ते पूरा समर्थन और सहयोग देने के लिए दृढ़ संकल्पित रहेंगे।''
भाषा
अविनाश पारुल
पारुल
1905 1959 चेन्नई